Nawada News: किऊल–गया रेलखंड पर लोकल ट्रेनों के समय में भारी असंतुलन के कारण प्रतिदिन सफर करने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सुबह के समय लगातार ट्रेनें मिलने के बाद अचानक चार से पांच घंटे का लंबा अंतराल आ जाता है. इस दौरान नवादा, शेखपुरा, किऊल और गया की ओर जाने वाले यात्रियों को स्टेशन पर घंटों इंतजार करना पड़ता है. यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि लंबे गैप के बीच कम से कम एक लोकल या मेमू ट्रेन का परिचालन शुरू किया जाए.
नवादा से किऊल जाने के लिए चार घंटे तक ट्रेन नहीं
यात्रियों के अनुसार नवादा से शेखपुरा और किऊल की ओर सुबह 6:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक लगातार ट्रेनों का परिचालन होता है. इसके बाद अगली लोकल ट्रेन शाम 4:15 बजे उपलब्ध होती है. इस कारण करीब चार घंटे तक यात्रियों को कोई ट्रेन नहीं मिलती है. सबसे अधिक परेशानी नौकरीपेशा लोगों, छात्र-छात्राओं और व्यापारियों को उठानी पड़ती है.
गया जाने वाले यात्रियों को पांच घंटे इंतजार
नवादा से गया जाने वाले यात्रियों की परेशानी भी कम नहीं है. सुबह 6 बजे से 11 बजे तक ट्रेनें उपलब्ध रहने के बाद अगली लोकल ट्रेन दोपहर 3:46 बजे मिलती है. ऐसे में यात्रियों को करीब पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ता है. वहीं किऊल से सुबह 9:40 बजे के बाद दोपहर 2 बजे और गया से दोपहर 3 बजे के बाद शाम 7:30 बजे ट्रेन मिलने से यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है.
यात्रियों ने बताई परेशानी
रवि कुमार, छात्र ने बताया कि कॉलेज और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अक्सर गया जाना पड़ता है. ट्रेनों के लंबे अंतराल के कारण कई बार परीक्षा और क्लास प्रभावित हो जाती है.
संजय प्रसाद, व्यवसायी ने कहा कि व्यापारिक कार्य से किऊल और शेखपुरा आना-जाना रहता है. चार घंटे तक ट्रेन नहीं रहने से पूरा दिन का काम प्रभावित हो जाता है.
सीमा देवी, यात्री ने बताया कि इलाज के लिए गया जाना पड़ता है. ट्रेन नहीं मिलने पर मजबूरी में महंगे किराये पर वाहन करना पड़ता है.
मुकेश कुमार, नौकरीपेशा ने कहा कि दैनिक यात्रियों की संख्या काफी अधिक है. रेलवे को यात्रियों की सुविधा के लिए गैप वाले समय में कम से कम एक मेमू ट्रेन चलानी चाहिए.
समय सारिणी में सुधार की मांग
यात्रियों का कहना है कि किऊल–गया रेलखंड पर बड़ी संख्या में लोग रोजाना सफर करते हैं, लेकिन वर्तमान ट्रेन समय सारिणी उनकी जरूरतों के अनुरूप नहीं है. लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि चार से पांच घंटे के लंबे अंतराल को खत्म करते हुए बीच के समय में अतिरिक्त लोकल या मेमू ट्रेन का परिचालन शुरू किया जाए, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके.
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