Hardiya Dam : नवादा के रजौली प्रखंड का हरदिया डैम सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि मछली प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए खास जगह बन चुका है. डैम की ताजा मछली स्थानीय लोगों के साथ-साथ जिला मुख्यालय के लोगों की भी पहली पसंद है. इस डैम को फुलवरिया डैम के नाम से भी जाना जाता है,जो रजौली से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थित है.यहां नीचे मछली और ऊपर बिजली परियोजना का संचालन होता है.
सुबह-सुबह लगता है मछली बाजार
प्रतिदिन सुबह 5 बजे से 8 बजे तक डैम के किनारे मछली का कारोबार चरम पर रहता है. डैम के बगल से भानेखाप गांव जाने वाले रास्ते पर बजरंगबली मंदिर के समीप संवेदक कौशल यादव के प्रतिनिधि अनुज व राहुल समेत अन्य लोगों की देखरेख में डैम से निकली मछलियां व्यापारियों और आम लोगों को देते हैं. इस समय डैम से मुख्यतः कवई और रेहू मछली निकल रही है .कवई मछली 150 रुपए प्रति किलो और रेहू मछली 250 रुपए प्रति किलो बिक रही है. रेहू की मांग सबसे ज्यादा है, लेकिन इसकी उपलब्धता कम होने के कारण कई लोग खाली हाथ लौट जाते हैं.कई लोग फिर छोटी मछली या अन्य मछली लेकर संतोष करते हैं.
मल्लाहों और स्थानीय लोगों को रोजगार
इस मछली व्यापार से दर्जनों मल्लाहों, नावीकों के साथ-साथ डैम के समीप मछली काटने वाले लोगों की भी रोजी-रोटी चल रही है. सावन माह खत्म होते ही मछली प्रेमियों की संख्या दोगुनी हो गई है. लोग न सिर्फ ताजा मछली खरीदते हैं, बल्कि डैम के तीन ओर ऊंचे पहाड़ों और उन पर तैरते बादलों के मनमोहक दृश्य का भी लुत्फ उठाते हैं. वहीं भीड़ बढ़ने से सबसे बड़ी समस्या पार्किंग और जाम की हो गई है. वाहनों के बेतरतीब खड़े होने से ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी हो रही है.स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नियमित पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था की मांग की है.
पर्यटन स्थल बनने की आस
हरदिया डैम में केज फिशिंग भी शुरू हो गई है और ग्रीन विद्युत उत्पादन के लिए फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाया जा रहा है.इसके बावजूद डैम पर्यटन स्थल का दर्जा पाने का इंतजार कर रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि डीएम से लेकर सीएम तक इसे पर्यटन स्थल बनाने का आश्वासन दे चुके हैं, लेकिन जमीन पर अब तक कोई ठोस काम नहीं हुआ.
अगर इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए तो यहां होटल, बोटिंग और अन्य सुविधाओं से स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होगा. प्रकृति, मछली और पहाड़ों का संगम वाला हरदिया डैम अब सिर्फ एक डैम नहीं, बल्कि नवादा जिले की पहचान बनने की राह देख रहा है.
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