बच्चों की कहासुनी से भड़की हिंसा, विद्यालय में घुसकर शिक्षकों से मारपीटकौआकोल थाना क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय करमा में अराजकता, पुलिस ने शिक्षकों को सुरक्षित निकाला
NAWADA NEWS.कौआकोल थाना क्षेत्र अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय करमा में मंगलवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गयी, जब बच्चों के बीच हुई मामूली कहासुनी ने उग्र रूप ले लिया. बताया जाता है कि विवाद की सूचना पर करीब चार से पांच दर्जन ग्रामीण विद्यालय परिसर में घुस आये और जमकर हंगामा किया.
प्रधानाध्यापिका मीणा कुमारी ने कौआकोल थाने में दिया लिखित आवेदन कौआकोल/नवादा सदर कौआकोल थाना क्षेत्र अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय करमा में मंगलवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गयी, जब बच्चों के बीच हुई मामूली कहासुनी ने उग्र रूप ले लिया. बताया जाता है कि विवाद की सूचना पर करीब चार से पांच दर्जन ग्रामीण विद्यालय परिसर में घुस आये और जमकर हंगामा किया. इस दौरान शिक्षण कार्य में लगे शिक्षकों के साथ मारपीट भी की गयी. घटना के दौरान भयभीत शिक्षक जान बचाने के लिए विद्यालय के कमरों में खुद को बंद करने को विवश हो गये. सूचना मिलने पर कौआकोल पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और विद्यालय परिसर में फंसे शिक्षकों को सुरक्षित बाहर निकालकर थाना ले गयी. पुलिस की तत्परता से शिक्षकों ने राहत की सांस ली. घटना के बाद स्थानीय स्तर पर मामले को दबाने और आपसी सुलह कराने का प्रयास किया गया, लेकिन विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मीणा कुमारी ने मामले को गंभीर मानते हुए बुधवार को कौआकोल थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी. उन्होंने अपने आवेदन में एक 14 वर्षीय छात्र सहित सारो देवी, बाल्मीकि यादव की पत्नी, मोती यादव की पत्नी, राजेश यादव की पत्नी औक प्रिंस कुमार को नामजद अभियुक्त बनाया है. प्रधानाध्यापिका ने आवेदन में लगभग 50 अज्ञात लोगों पर भी विद्यालय परिसर में जबरन प्रवेश, गाली-गलौज, मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, छिनतई एवं जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाये हैं. प्रधानाध्यापिका के आवेदन के आलोक में कौआकोल पुलिस ने कांड दर्ज कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि विद्यालय जैसे संवेदनशील और पवित्र स्थान पर इस तरह की अराजकता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जायेगी. दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी. इस घटना ने विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. साथ ही बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता उत्पन्न हो गयी है.
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