Nawada Cyber Fraud Gang : नवादा जिले में विशेष अभियान के तहत साइबर थाना पुलिस ने कादिरगंज थाना क्षेत्र के गोयठाडीह गांव में छापेमारी कर एक कथित साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार युवक फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने और उनके साइबर अपराधों में इस्तेमाल के मामले में संलिप्त था.
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उसके पास से 43 सिमकार्ड समेत कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए हैं. गिरफ्तार आरोपी की पहचान गोयठाडीह गांव निवासी 28 वर्षीय नवीन कुमार, पिता विनोद कुमार सिन्हा के रूप में हुई है. यह कार्रवाई साइबर थाना को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई.
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गुप्त सूचना पर गठित की गई एसआईटी
साइबर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि कादिरगंज थाना क्षेत्र के गोयठाडीह गांव में नवीन कुमार फर्जी सिम कार्ड का उपयोग कर साइबर अपराध से जुड़ी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है. सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थाना अध्यक्ष मो. शाहनवाज अख्तर के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया. एसआईटी ने सूचना का सत्यापन करने के बाद छापेमारी की रणनीति तैयार की.
पुलिस टीम ने CCSU पटना और सशस्त्र बलों के सहयोग से 10 सितंबर की रात करीब 11 बजे गोयठाडीह गांव में विशेष छापेमारी की. इस दौरान नवीन कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया.
43 सिम कार्ड और फिंगरप्रिंट स्कैनर बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक स्मार्ट मोबाइल, एक कीपैड मोबाइल, एक फिंगरप्रिंट रीडर/स्कैनर, 43 सिम कार्ड और एक पासबुक बरामद किया है. पुलिस बरामद सामानों की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि इनमें से कितने सिम कार्ड साइबर अपराध में इस्तेमाल किए गए अथवा किए जाने वाले थे.
गरीब-अशिक्षित लोगों के नाम पर सिम जारी कराने का आरोप
पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी ने सिम कार्ड उपलब्ध कराने से जुड़े कथित तरीके के बारे में जानकारी दी है. आरोपी के बताए अनुसार नवादा जिले के रोह, कादिरगंज, वारिसलीगंज और पकरीबरावां क्षेत्र के विभिन्न गांवों में सिम बेचने के दौरान कुछ लोग गरीब मजदूर और अशिक्षित ग्रामीणों को लेकर उनके नाम पर सिम जारी करवाते थे.
पुलिस के मुताबिक इन लोगों को सिम जारी कराने के बदले अधिक रकम दी जाती थी. बाद में जारी किए गए सिम कार्ड का इस्तेमाल साइबर ठगी में किया जाता था. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.
चार थाना क्षेत्रों तक नेटवर्क की जांच
पुलिस की कार्रवाई से यह भी संकेत मिला है कि फर्जी सिम कार्ड से जुड़ा कथित नेटवर्क केवल एक गांव तक सीमित नहीं हो सकता है. रोह, कादिरगंज, वारिसलीगंज और पकरीबरावां क्षेत्रों का नाम सामने आने के बाद पुलिस संबंधित इलाकों में सिम जारी करने वाले एजेंटों, धारकों और साइबर अपराधियों के बीच कनेक्शन की जांच कर रही है.
साइबर थाना पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि बरामद 43 सिम कार्ड किसके नाम पर जारी हुए थे और उनका इस्तेमाल किन मोबाइल नंबरों तथा साइबर अपराध की घटनाओं में किया गया.
साइबर थाना में दर्ज हुआ मामला
इस मामले में साइबर थाना कांड संख्या 88/26, दिनांक 11 सितंबर 2026 दर्ज किया गया है. पुलिस ने दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े कानूनों के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
साइबर अपराध के खिलाफ नवादा पुलिस की इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि फर्जी या गलत तरीके से जारी सिम कार्ड साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख माध्यमों में शामिल हैं. पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
कार्रवाई में पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थाना अध्यक्ष मो. शाहनवाज अख्तर, प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक दीपक कुमार, सिपाही कुंदन कुमार, गृह रक्षक मोनू कुमार, गृह रक्षक अवधेश कुमार, महिला गृह रक्षक गुड़िया कुमारी, हवलदार मनोज कुमार तथा सीसीएसयू पटना की टीम शामिल रही.
