रजौली फ्लाइओवर में पड़ी दरारें, बड़े हादसे का खतरा

NAWADA NEWS.बिहार - पटना-रांची मार्ग (एनएच-20) पर बने रजौली के फ्लाइओवर ब्रिज की स्थिति दो साल में ही खराब हो गयी है, जिससे लोगों में डर का माहौल है. इस पुल की ऊंची दीवारें दरक रही हैं और सीमेंट की प्लेटें बाहर निकलने लगी हैं. जगह-जगह से प्लास्टर गिर रहा है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है.

निर्माण के दो साल बाद ही फ्लाइओवर दीवारे लगीं दरकने

फोटो कैप्शन- बाइपास के समीप क्षतिग्रस्त फ्लाइओवर

प्रतिनिधि, रजौलीबिहार – पटना-रांची मार्ग (एनएच-20) पर बने रजौली के फ्लाइओवर ब्रिज की स्थिति दो साल में ही खराब हो गयी है, जिससे लोगों में डर का माहौल है. इस पुल की ऊंची दीवारें दरक रही हैं और सीमेंट की प्लेटें बाहर निकलने लगी हैं. जगह-जगह से प्लास्टर गिर रहा है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है. यह पुल एनएच-20 जैसी व्यस्त फोरलेन सड़क पर स्थित है, जहां से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं. पुल के ठीक नीचे कई दुकानें और सवारी गाड़ियां खड़ी रहती हैं, जिससे स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है. स्थानीय राजो यादव, पिंटू कुमार समेत कई दुकानदारों ने बताया कि ऊपर से गिरता मलबा कभी भी किसी राहगीर या यात्री को घायल कर सकता है. लोगों का आरोप है कि पुल के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया था, यही कारण है कि यह इतने कम समय में जर्जर हो गया है. ग्रामीणों ने प्रशासन और एनएचएआइ (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) से तुरंत इसकी मरम्मत कराने की मांग की है.इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने पुल के नीचे बैठना और अपनी गाड़ियां खड़ी करना बंद कर दिया है. सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर इस पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया, तो यह कभी भी जानलेवा साबित हो सकता है. इसके अलावा टोल प्लाजा पर बेरोकटोक वाहनों से वसूली की जा रही है, परंतु फ्लाइओवरों पर लगी स्ट्रीट लाइट बगैर रिचार्ज के बंद रहती है. जिसके कारण रात्रि में सफर करने वाले यात्रियों को भय के साए में सफर करना पड़ता है. जब इस मामले में रखरखाव करने वाली गाबर कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर राजेंद्र कुमार त्रिपाठी से संपर्क करने की कोशिश शाम 04.22 बजे की गयी, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया.

क्या कहते हैं पदाधिकारी :-

रजौली के एसडीएम स्वतंत्र कुमार सुमन ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है. उन्होंने कहा कि एनएचएआइ को तुरंत जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया जायेगा. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया, तो किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी विभाग और संबंधित अधिकारियों की होगी.

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Author: KR MANISH DEV

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