नवादा रेलवे स्टेशन पर टिकट के लिए हाहाकार, चार में से एक ही काउंटर है खुला
NAWADA NEWS.नवादा रेलवे स्टेशन का टिकट बुकिंग काउंटर यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है. रोजाना हजारों यात्री टिकट लेने के लिए स्टेशन पहुंचते हैं, लेकिन काउंटर पर अव्यवस्था ऐसी कि अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है.
नवादा रेलवे स्टेशन के टिकट बुकिंग काउंटर पर कर्मियों की भारी कमी, तीन काउंटर पड़े हैं बंद
कई बार टिकट लेने के लिए लाइन में खड़े यात्रियों की छूट जाती है ट्रेन
फ़ोटो कैप्शन- एक ही टिकट बुकिंग खुले रहने पर टिकट कटाते यात्री
प्रतिनिधि, नवादा नगर
नवादा रेलवे स्टेशन का टिकट बुकिंग काउंटर यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है. रोजाना हजारों यात्री टिकट लेने के लिए स्टेशन पहुंचते हैं, लेकिन काउंटर पर अव्यवस्था ऐसी कि अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है. हालत यह है कि कभी-कभी यात्रियों के बीच गाली-गलौज तक की नौबत आ जाती है. मजबूरी में कई यात्री बिना टिकट ही ट्रेन में चढ़ जाते हैं, जो न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है बल्कि भविष्य में जुर्माने और विवाद का कारण भी बन सकता है.
नये स्टेशन भवन में बने हैं कुल चार अनारक्षित टिकट बुकिंग काउंटर
बता दें कि नवादा रेलवे स्टेशन के टिकट बुकिंग काउंटर पर कर्मियों की भारी कमी. नये स्टेशन भवन में कुल चार अनारक्षित टिकट बुकिंग काउंटर बनाये गये हैं, जिनमें एक दिव्यांग यात्रियों के लिए आरक्षित है और दो सामान्य यात्रियों के लिए. लेकिन, जमीनी हकीकत यह है कि यात्रियों को टिकट सिर्फ एक ही काउंटर से मिल रहा है. बाकी काउंटर बंद हैं.
टिकट खिड़की तक पहुंचने से पहले ही ट्रेन खुल जाती है.
सुबह का समय तो यात्रियों के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं होता. खासकर नवादा से पटना जाने वाली ट्रेनों के समय स्टेशन पर भारी भीड़ उमड़ पड़ती है. लंबी कतार में लगे यात्री देखते ही देखते हताश हो जाते हैं, क्योंकि कई बार टिकट खिड़की तक पहुंचने से पहले ही ट्रेन खुल जाती है. नतीजतन कई यात्री बिना टिकट खरीदे ही यात्रा करते हैं. सबसे हैरानी की बात यह है कि रेलवे को लेकर बड़ी-बड़ी उपलब्धियों का ढोल पीटने वाले जिले के नेता और सांसद इस गंभीर समस्या पर चुप्पी साधे हुए हैं. रेलवे के नाम पर श्रेय लेने में आगे रहने वाले जनप्रतिनिधि, टिकट काउंटर की बदहाली पर आंख मूंदे बैठे हैं. अगर वे चाहें तो इस छोटी-सी समस्या का समाधान कर हजारों यात्रियों को राहत दिला सकते हैं.नवादा रेलवे के अधिकारियों ने भी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की
स्टेशन प्रबंधक मुनेश्वर प्रसाद ने इस विषय में कुछ भी कहने से इनकार करते हुए दूसरे अधिकारी से बात करने को कहा. इसके बाद सीटीआइ अरुण कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गयी, लेकिन उनका मोबाइल कॉल रिसीव नहीं हुआ. अंततः चीफ बुकिंग सुपरवाइजर विमल केरकेटा से पूछे जाने पर उन्होंने स्वीकार किया कि बुकिंग कार्यालय में कर्मियों की कमी के कारण फिलहाल एक ही काउंटर खोला जा रहा है. ऐसे में सवाल यह है कि जब स्टेशन पर काउंटर बने हुए हैं, तो कर्मियों की नियुक्ति क्यों नहीं की जा रही. क्या यात्रियों की परेशानी से रेलवे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कोई सरोकार नहीं. जब तक टिकट बुकिंग काउंटरों पर पर्याप्त कर्मचारी तैनात नहीं किये जाते, तब तक नवादा रेलवे स्टेशन पर यह अफरा-तफरी यूं ही जारी रहेगी और यात्री रोज इसी अव्यवस्था की भेंट चढ़ते रहेंगे.क्या कहते हैं यात्री
हम पटना जाने के लिये सुबह चार बजे घर से निकलते हैं, ताकि टिकट मिल जाए. लेकिन, एक ही काउंटर होने से घंटों लाइन में लगना पड़ता है. कई बार ट्रेन छूट जाती है.
– नीरज कुमार, रेल यात्री
स्टेशन नया है, काउंटर भी बने हैं, फिर टिकट क्यों नहीं मिलता. सिर्फ एक खिड़की खोलकर यात्रियों का मजाक उड़ाया जा रहा है.
– आदित्य सिंह, रेल यात्री
नाराजगी जताते हुए कहा, दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए काउंटर बना है, लेकिन खुलता नहीं. लाइन में खड़ा रहना हमारे लिए मुश्किल है.-सियाराम, रेल यात्री
जमुई जाना था टिकट काउंटर पर भीड़ रहने के कारण टिकट लेते-लेते ट्रेन खुल गयी. अब दूसरी ट्रेन से जाना पड़ रहा है.सुमन शर्मा, रेल यात्रीB
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