Nawada News: पुस्तक कवि और साहित्यकार के हृदय और समाज का दर्पण होती है, जिसमें रचनाकार की भावनाएं, संवेदनाएं और जीवन दृष्टि छिपी होती है. यह बातें नवादा सदर-02 के एसडीपीओ (SDPO) राहुल सिंह ने कहीं. वे हिसुआ में हिन्दी मगही साहित्यिक मंच 'शब्द साधक' के तत्वावधान में कवि अमरेंद्र कुमार पुष्प की नूतन पुस्तक ‘हां दीवाना हूं मैं’ के लोकार्पण समारोह सह कवि सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे. उन्होंने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि लेखक अपने अंतर्मन के बिम्ब को शब्दों में पिरोता है.
बौद्धिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध करता है साहित्य
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित वरीय साहित्यकार और पूर्व प्रधानाचार्य सच्चिदानंद प्रेमी ने बौद्धिक व सांस्कृतिक रूप से संसार को समृद्ध करने में साहित्यकारों के योगदान को रेखांकित किया. प्रो. मनुजी राय ने कहा कि भाषा को समृद्ध करने में साहित्यकार लगातार साधना करते हैं, जबकि हिसुआ नगर परिषद की अध्यक्षा पूजा कुमारी ने कहा कि हिसुआ की धरती में साहित्य और संस्कृति बसती है. लेखक अमरेंद्र पुष्प ने अपनी पुस्तक पर उद्गार प्रकट करते हुए कहा कि उन्होंने रोजमर्रा की जिन्दगी से निकली संवेदनाओं को पन्नों पर उकेरने की कोशिश की है. कार्यक्रम की अध्यक्षता दीनबंधु और संयोजन व संचालन व्यंग्यकार उदय भारती ने किया.
नामचीन कवियों और शायरों ने बांधा समां
लोकार्पण के उपरांत आयोजित कवि सम्मेलन में राष्ट्रीय स्तर के शायर और कवियों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया. राष्ट्रीय शायर व गज़लकार नवनीत कृष्ण के प्रभावशाली संचालन में कुमार आर्यण गयावी, जिआउर रहमान जाफरी, व्यंग्यकार उदय भारती, अनिल कुमार, एसके सिद्धार्थ, रेजा तस्लीम, शफी जानी नादां, सबा रजौलवी, युगल किशोर राम, नीतेश कपूर, गौतम सरगम, कृष्ण कुमार भट्टा, नालंदा से नीतीश कुमार, मधुकांत, शुभम कुमार और दीनबंधु ने अपनी मौलिक रचनाओं की दमदार प्रस्तुति दी.
इस दौरान उदीयमान युवा कवि अवनीश रंजन उर्फ अवनीश ‘किशु’ की रचना को भी सबने सराहा. वहीं, मगही मगध नागरिक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पारस कुमार सिंह ने मगही को भाषा का दर्जा दिलाने के लिए सहयोग की अपील की. अंत में धन्यवाद ज्ञापन अमरेंद्र पुष्प द्वारा किया गया. इस अवसर पर गया, नालंदा और नवादा के कई शिक्षाविद्, सेवानिवृत्त अधिकारी व साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे.
