मध्य प्रदेश के लापता मजदूर की गुत्थी सुलझी, करीडोन जंगल से बरामद हुआ शव

NAWADA NEWS.थाली थाना क्षेत्र अंतर्गत जयपुर गांव स्थित लक्ष्मी पोल्ट्री फार्म में कार्यरत मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कौवधान गांव निवासी छोटेलाल साकेत के 32 वर्षीय पुत्र सरताज साकेत का शव पुलिस ने 10 दिन के बाद शनिवार संध्या को करीडोन जंगल से बरामद कर लिया है. सरताज 31 दिसंबर की रात से लापता थे.

By JAVED NAJAF | January 10, 2026 8:49 PM

10 दिन बाद जंगल से मिला पोल्ट्री फार्म के मजदूर का शव, पत्थरों से दबाकर रखा गया था शव

फ़ोटो कैप्शन:- थाली थाना का फोटो

– मृतक के परिजन का फोटो

प्रतिनिधि, गोविंदपुर

थाली थाना क्षेत्र अंतर्गत जयपुर गांव स्थित लक्ष्मी पोल्ट्री फार्म में कार्यरत मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कौवधान गांव निवासी छोटेलाल साकेत के 32 वर्षीय पुत्र सरताज साकेत का शव पुलिस ने 10 दिन के बाद शनिवार संध्या को करीडोन जंगल से बरामद कर लिया है. सरताज 31 दिसंबर की रात से लापता थे. खोज टीम में शामिल थानाध्यक्ष दीपक कुमार, एसआइ चांदनी मिश्रा, एएसआइ गुड्डू मिश्रा और गोविंदपुर थाना के अपर थानाध्यक्ष रमेश कुमार व अन्य शामिल थे. पोल्ट्री फार्म संचालक विष्णु देव वर्मा के पुत्र पंकज कुमार वर्मा ने लापता मजदूर की सकुशल बरामदगी को लेकर 1 जनवरी को थाली थाने में आवेदन दिया था. इसके बाद से पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी. थाली थाने के एएसआइ गुड्डू मिश्रा ने बताया कि इस मामले में पूछताछ के लिए कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था. जिसकी निशानदेही पर शनिवार को जंगल में तलाशी अभियान चलाया गया. शाम करीब 4 बजे थाली थाना क्षेत्र के करीडोन जंगल के पास पहुंचते ही दुर्गंध आने लगी. खोजबीन में मृतक सरताज का शव बरामद किया गया. शव को पत्थरों से दबाकर छिपाया गया था. घटना की सूचना एफएसएल टीम को देकर बुलाया गया, जो मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है. शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल नवादा भेजा गया.

31 दिसंबर की रात पोल्ट्री फार्म में मजदूरों के बीच हुई नोंकझोंक के बाद से था लापता

गौरतलब है कि 31 दिसंबर की रात पोल्ट्री फार्म में काम कर रहे मजदूरों के बीच किसी बात को लेकर आपसी नोंकझोंक हुई थी. इसी विवाद के बाद रात करीब एक बजे सरताज दो अन्य मजदूरों के साथ फार्म से निकलकर भाग गया था. बाद में दोनों मजदूर पुनः पोल्ट्री फार्म लौट आये. लेकिन, सरताज का कोई सुराग नहीं मिल सका था. शव की तलाश को लेकर रजौली सर्किल इंस्पेक्टर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था. करीब 10 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने शव बरामद कर लिया. फिलहाल यह रहस्य बना हुआ है कि सरताज की हत्या किसने और कैसे की, तथा शव को जंगल तक किसने पहुंचाया. यह अब रहस्य बन गया है. रजौली एसडीपीओ गुलशन कुमार ने बताया कि कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था, उनकी निशानदेही पर लापता युवक का शव जंगल से बरामद कर लिया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे का खुलासा किया जायेगा.

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