Nawada News : यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को देशभर के राष्ट्रीयकृत बैंकों में एकदिवसीय हड़ताल रही. इसका असर नवादा जिले में भी देखने को मिला. पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), बैंक ऑफ इंडिया, बिहार ग्रामीण बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) समेत विभिन्न बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल में शामिल हुए. बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहने से जिले में करीब 700 करोड़ रुपये का बैंकिंग कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है.
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एक मंच पर जुटे बैंककर्मी, बुलंद की आवाज
नवादा बैंकर संगठन के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में विभिन्न बैंकों के कर्मचारियों ने एकजुट होकर हड़ताल को सफल बनाया. कर्मचारियों ने बैंकिंग क्षेत्र से जुड़ी लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की. उनका कहना था कि लंबे समय से मांगों को लेकर सरकार और बैंक प्रबंधन का ध्यान आकृष्ट कराया जा रहा है, लेकिन अपेक्षित पहल नहीं हुई है.
पांच दिन बैंकिंग और ओपीएस लागू करने की मांग
बैंककर्मियों की प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना, सभी कर्मचारियों के लिए समान एवं न्यायसंगत प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआइ) की व्यवस्था तथा पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करना शामिल है. इसके अलावा अन्य लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की भी मांग की गयी.
पीएनबी की ओर से हरेंद्र कुमार पासवान, राजीव सिन्हा, सुमित कुमार, पिंटू कुमार, किशोर कुमार राम, समेत कई कर्मचारी शामिल रहे। वहीं, बिहार ग्रामीण बैंक से शशि शेखर, अभिनव किशोर, मोहित, मिथिलेश, अभिजीत झा, एसपी सिंह, सुरेंद्र प्रसाद और परमेश्वर चौधरी समेत अन्य बैंककर्मियों ने सक्रिय सहभागिता निभायी.
बैंककर्मियों ने कहा कि उनकी लड़ाई केवल कर्मचारियों के हित तक सीमित नहीं है, बल्कि बेहतर बैंकिंग व्यवस्था, कर्मचारी अधिकार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के लिए भी है। मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया गया.
