नवादा: अंबेडकर आवासीय विद्यालय में मेस विवाद ने लिया हिंसक रूप, छात्रों ने लगाया शिक्षकों व पुलिस पर मारपीट का आरोप,16 छात्र निष्कासित

नवादा के रजौली स्थित अंबेडकर आवासीय विद्यालय में मेस विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है. कक्षा 12 के छात्रों ने शिक्षकों और पुलिस पर मारपीट और जातीय भेदभाव का आरोप लगाया है. इस घटना के बाद 16 छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है.

Nawada News : नवादा के रजौली में स्थानीय अंबेडकर आवासीय विद्यालय इन दिनों गंभीर विवाद के केंद्र में है. कक्षा 12वीं (कला संकाय) के छात्रों ने विद्यालय प्रशासन, शिक्षकों और पुलिस पर मारपीट तथा जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं. वहीं विद्यालय प्रशासन ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए पूरे घटनाक्रम को छात्रों की अनुशासनहीनता और गुटबाजी का परिणाम बताया है. मामले के बाद अनुशासन समिति ने मुख्य आरोपी छात्र सहित 16 छात्रों को छात्रावास से निष्कासित कर दिया है. इनके साथ 19 अन्य छात्र भी स्वयं छात्रावास छोड़कर चले गए.

छात्रों का आरोप: खराब भोजन की शिकायत पर हुई मारपीट

छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से मेस में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत कर रहे थे. उनका दावा है कि इस संबंध में मंत्री, जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों को लिखित आवेदन भी दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. छात्रों ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर शिक्षकों ने उनके साथ मारपीट करवाई और कुछ शिक्षकों द्वारा जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया गया. कई छात्रों ने अपने शरीर पर चोट के निशान दिखाते हुए कार्रवाई की मांग की है.

भोजन के दौरान नियम तोड़ने से शुरू हुआ विवाद

विद्यालय के प्रधानाचार्य अजय कुमार और बीडब्ल्यूओ सुरेंद्र चौहान ने छात्रों के आरोपों को खारिज किया है. उनके अनुसार विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब छोटे बच्चों के भोजन के दौरान कुछ वरिष्ठ छात्र कतार तोड़कर पहले भोजन लेने पर अड़ गए. इसका विरोध होने पर दो छात्र समूहों के बीच झड़प हुई, जिसे शांत कराने के लिए डायल-112 पुलिस को बुलाना पड़ा.

कमरे में खुद को बंद करने का आरोप

विद्यालय प्रशासन का आरोप है कि अगले दिन कुछ छात्रों ने अधिकारियों के समझाने के बावजूद स्वयं को छात्रावास के एक भवन में बंद कर लिया और माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया. प्रशासन का कहना है कि इन छात्रों ने नए विद्यार्थियों को भी उकसाया तथा रसोई में कार्यरत कर्मियों को डराने-धमकाने की कोशिश की.

16 छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई

घटना के बाद जिला कल्याण पदाधिकारी राजीव रंजन कुमार की मौजूदगी में हुई अनुशासन समिति की बैठक में 16 छात्रों को छात्रावास से निष्कासित करने का निर्णय लिया गया. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई छात्रों का भविष्य खराब करने के लिए नहीं, बल्कि छात्रावास में अनुशासन बनाए रखने और अन्य विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है.

सुधार का अवसर देने की बात

जिला कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि निष्कासित छात्रों के अभिभावकों को सूचना दे दी गई है. परीक्षा के समय छात्रों को प्रवेश पत्र उपलब्ध कराया जाएगा तथा यदि अभिभावक लिखित रूप से अनुशासन बनाए रखने का आश्वासन देते हैं, तो उन्हें दोबारा छात्रावास में रखने पर विचार किया जा सकता है.


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By Kr manish dev

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