Nawada News: बिहार सरकार के शिक्षा विभाग की महत्वाकांक्षी योजना 'सात निश्चय-3' के तहत रविवार को गोविंदपुर प्रखंड स्थित तैलिक वैश्य इंटर विद्यालय परिसर में आदर्श विद्यालय (सरस्वती विद्या निकेतन) का विधिवत शुभारंभ किया गया. राज्यस्तरीय कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार के 551 मॉडल स्कूलों (सरस्वती विद्या निकेतन) का एक साथ उद्घाटन किया. इसी क्रम में गोविंदपुर के आदर्श विद्यालय का भी शुभारंभ हुआ.
विधायिका समेत अधिकारियों ने किया शिलापट्ट का अनावरण
स्थानीय कार्यक्रम में विधायिका विनीता मेहता, प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमार शैलेंद्र, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी शशिकांत कुमार निराला, प्रखंड कृषि पदाधिकारी आयुष राज तथा तैलिक वैश्य इंटर विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुनील कुमार भारती ने संयुक्त रूप से शिलापट्ट का अनावरण कर फीता काटा. इसके बाद सभी अतिथि सभागार में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कार्यक्रम में शामिल हुए.
गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर जोर
इस अवसर पर विधायिका विनीता मेहता ने कहा कि सरकार की यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी. उन्होंने कहा कि सरस्वती विद्या निकेतन में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और रोजगारोन्मुखी शिक्षा मिलेगी. डिजिटल शिक्षा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे.
प्रभारी प्रधानाध्यापक सुनील कुमार भारती ने विद्यालय को उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थान बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का भरोसा दिया. वहीं प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमार शैलेंद्र ने कहा कि आदर्श विद्यालय का उद्देश्य क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराना है. विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आधुनिक शिक्षण संसाधन, स्वच्छ एवं सुरक्षित परिसर तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
एनईपी-2020 के अनुरूप होगी पढ़ाई
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी शशिकांत कुमार निराला ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के अनुरूप विद्यालय में नवाचार, डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास और नैतिक मूल्यों के विकास पर विशेष बल दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि राज्य के दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों को पटना स्थित मुख्य हब से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़ा गया है, जिससे विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों से सीधे पढ़ने का अवसर मिलेगा. विद्यालय में डिजिटल स्मार्ट बोर्ड, आधुनिक शिक्षण व्यवस्था और निःशुल्क शैक्षणिक सहयोग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी.
उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों का अधिक से अधिक नामांकन कराने और नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील की. साथ ही जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों से विद्यालय के विकास में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया.
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक, जनप्रतिनिधि, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.
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