अम्हड़ी गांव पहुंची मेडिकल टीम
लोगों को पहले सरकारी स्तर पर इलाज के लिए जाने की अपील
हिसुआ : चितरघट्टी पंचायत के अम्हड़ी गांव में फैले डायरिया को लेकर मुखिया, सरपंच आदि ने पहल की और मेडिकल टीम आदि को बुलवाया. सोमवार की शाम हिसुआ पीएचसी से एंबुलेंस के साथ एक चिकित्सक, एएनएम आदि पहुंचे. सोमवार को ही गांव के दिनेश चौधरी के पांच वर्षीया पुत्री रीया कुमारी की मौत हुई थी और उसके बाद ग्रामीणों में हलचल मची हुई थी.
गांव में कम-बेस दर्जनों लोगों को उल्टी आदि की शिकायतें थीं. जानकारी मिलने पर मुखिया वीरेंद्र कुमार सिंह व सरपंच रंजीत चौरसिया ने पहल की. दिनेश चौधरी का ही एक पुत्र अभी उससे पीड़ित है. इसके अलावे अरविंद कुमार, अंकित कुमार, कुंती देवी, रानी कुमारी, इंदु कुमारी, धर्मेंद्र कुमार सहित दर्जनों लोगों के बीमार थे. लोग इलाज हिसुआ, बुधौल व गांव में ही निजी स्तर पर जैसे-तैसे करा रहे थे. लोग पीएचसी नहीं पहुंच रहे थे. मुखिया ने लोगों को सबसे पहले पीएचसी से ही इलाज करवाने की अपील की. यदि वहां समुचित सुविधा नहीं मिलती है तब दक्ष व अच्छे जानकार चिकित्सक के पास जाया जा सकता है. नीम-हकीम से इसका इलाज करवाने से जान गंवानी पड़ सकती है.
मुखिया व सरपंच ने ग्रामीणों को जागरूक करने की पहल की. मुखिया ने सरकारी अस्पताल के प्रति लोगों की धारणाएं व जागरूकता पर सवाल खड़ा करते हुए बेहतर सुविधा व विभाग को सजग रहने की बातें कहीं. मंगलवार को मरीजों की हालत में सुधार हुई. गौरतलब है कि तीन दिनों से क्षेत्र में भीषण गरमी से लोगों के पाचन व स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ा है.
