हाथी का तांडव : झुंड से बिछड़े हाथी ने रिहायशी इलाकों में मचाया उत्पात

बिहार-झारखंड के सीमावर्ती रजौली प्रखंड क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से एक जंगली हाथी ने भारी उत्पात मचा रखा

दहशत.

वन विभाग अलर्ट मोड पर, रात भर चला लुका-छिपी का खेल

गजराज ने उड़ायी लोगों की रातों की नींद

घर, दुकान व फसल को पहुुंचाया क्षति

फोटो कैप्शन- रात के अंधेरे में जंगली क्षेत्र में विचरण करता हाथी. – घर का टूटा हुआ दरवाजा.

प्रतिनिधि, रजौली

बिहार-झारखंड के सीमावर्ती रजौली प्रखंड क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से एक जंगली हाथी ने भारी उत्पात मचा रखा है. अपने झुंड से बिछड़कर रिहायशी इलाकों में दाखिल हुए इस गजराज ने स्थानीय लोगों की रातों की नींद उड़ दी है. शनिवार को झारखंड की सीमा से सटे रतनपुर के रास्ते चितरकोली पंचायत के दिबौर में प्रवेश के बाद यह हाथी लगातार आबादी वाले क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है. हाथी ने पहले दिबौर के मुखिया राजकुमार यादव के खेतों को रौंद डाला. इसके बाद इसकी सूचना वन विभाग को दी गयी. वनकर्मियों ने उसे काराखूंट और महुटांड के जंगलों से वापस झारखंड की ओर खदेड़ने की पुरजोर कोशिश की. लेकिन, चतुर हाथी ने अपनी दिशा बदलकर नदी के किनारे-किनारे हरदिया और पड़रीया जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों का रुख कर लिया. रविवार की रात रजौली नगर पंचायत के लिए बेहद खौफनाक साबित हुई. वनकर्मी पूरी रात आग की लुआठियों और तेज आवाज के जरिये हाथी को आबादी से दूर रखने का प्रयास करते रहे.

दो घर, एक दुकान को तोड़कर किया क्षतिग्रस्त

रविवार की देर रात हाथी महसई मुहल्ले में घुस गया. यहां उसने वार्ड 12 के निवासी मोहम्मद सहीम मियां और रंजन कुमार के घरों के दरवाजे तोड़ दिया. हाथी की आक्रामकता यहीं कम नहीं हुई. उसने बृजनंदन गिरि के लोहे के गेट को क्षतिग्रस्त कर दिया और एक बाउंड्रीवाल को गिराने की कोशिश भी की. सड़कों पर रखे डस्टबिनों को उलटते हुए और जगह-जगह अपने भारी पदचिह्न छोड़ते हुए इस गजराज ने पूरे इलाके को दहशत फैला दिया. आर्थिक नुकसान की मार सबसे ज्यादा हरदिया मोड़ के समीप स्थित एक किराना दुकान पर पड़ी है. दुकानदार कृष्णा साव ने बताया कि हाथी ने उनकी दुकान का दरवाजा तोड़कर भीतर रखे चोकर, खल्ली और भारी मात्रा में अनाज को बर्बाद कर दिया़ इससे उन्हें लगभग 30 हजार रुपये का नुकसान हुआ है. इसके अतिरिक्त, हरदिया सेक्टर-बी में नंदलाल साव के लहसुन के खेतों को भी हाथी ने तहस-नहस कर दिया है. स्थानीय ग्रामीणों का डर वाजिब है. क्योंकि, कुछ महीने पहले भी हाथियों के एक झुंड ने इसी क्षेत्र में भारी तबाही मचाई थी, जिसकी यादें अभी भी लोगों के जेहन में ताजा है.

वन विभाग की टीमें चला रही सर्च अभियान

प्रशासनिक स्तर पर वन विभाग की टीमें लगातार सर्च अभियान चला रही हैं. रेंजर नारायण लाल सेवक ने बताया कि विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है. रविवार रात हरदिया में देखे जाने के बाद से हाथी की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है. फिलहाल जोगियामारण के जंगलों में जाने की संभावना जतायी जा रही है. वन विभाग की टीम उसकी खोज में लगे हुए हैं. जल्द बिहार की सीमाओं से खदेड़ा कर उसके ठिकाने की ओर पहुंचाया जायेगा.

हाथी के करीब नहीं जाएं लोग :

डीएफओ

नवादा के डीएफओ श्रेष्ठ कुमार कृष्ण ने बताया कि वनकर्मी हाथी को सघन आबादी वाले क्षेत्रों से दूर खदेड़ने के लिए विशेष तकनीक और आवाज का सहारा ले रहे हैं. वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे सतर्क रहें. और हाथी के करीब नहीं जाएं और उसे उकसाने की कोशिश न करें. फिलहाल पूरे रजौली क्षेत्र में सुरक्षा के मद्देनजर निगरानी बढ़ा दी गयी है और वनकर्मी गजराज को सुरक्षित जंगल की ओर मोड़ने की जद्दोजहद में जुटे हैं.

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By KR MANISH DEV

KR MANISH DEV is a contributor at Prabhat Khabar.

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