रजौली के हिमांशु सिंह बने नेशनल वन-स्टार रेफरी व जज

राष्ट्रीय मुक्केबाजी रेफरी व जज की परीक्षा में पायी सफलता

राष्ट्रीय मुक्केबाजी रेफरी व जज की परीक्षा में पायी सफलता

प्रतिनिधि, रजौली. जिले के छोटे से गांव से निकलकर खेल की दुनिया के बड़े मंच तक का सफर तय करने वाले हिमांशु सिंह ने नया इतिहास रच दिया है. रजौली प्रखंड की रजौली पश्चिमी पंचायत स्थित छपरा गांव के निवासी सतीश सिंह के पुत्र हिमांशु सिंह ने आंध्र प्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय मुक्केबाजी रेफरी व जज की कठिन परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है. उनकी उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे नवादा जिले और बिहार-झारखंड के खेल जगत को गौरवान्वित किया है.

भीमावरम की रिंग में मिली राष्ट्रीय पहचान

आंध्र प्रदेश के भीमावरम स्थित एसआरकेआर इंजीनियरिंग कॉलेज में 19 से 22 मार्च तक ”सागी रामकृष्णम राजू ट्रॉफी 2026” यू-23 पुरुष-महिला ओपन बॉक्सिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया गया था. इसी प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के दौरान इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन की ओर से नेशनल ”वन-स्टार” रेफरी व जज की परीक्षा ली गयी. हिमांशु सिंह ने इस परीक्षा के तकनीकी और व्यावहारिक दोनों चरणों में बेहतरीन अंकों के साथ सफलता प्राप्त की. इस कामयाबी के साथ ही वे अब राष्ट्रीय स्तर के मैचों में आधिकारिक निर्णायक की भूमिका निभाने के लिए अधिकृत हो गये हैं.

उपलब्धियों के शिखर पर नवादा का अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी

हिमांशु सिंह की जीत कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है. वे नवादा जिले के पहले ऐसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अब जिले के पहले नेशनल रेफरी व जज बनने का गौरव प्राप्त कर लिया है. साथ ही झारखंड मुक्केबाजी संघ से जुड़े होने के कारण वे राज्य के छठे ऐसे अधिकारी बन गये हैं, जिन्होंने आइएबीएफ के अंतर्गत नेशनल लेवल वन-स्टार का दर्जा हासिल किया है. एक खिलाड़ी के रूप में रिंग के भीतर जलवा बिखेरने के बाद अब वे रिंग के बाहर एक निष्पक्ष निर्णायक के रूप में देश के मुक्केबाजों के भविष्य का फैसला करेंगे.

क्षेत्र में उत्साह व छोटे शहर की बड़ी उड़ान

हिमांशु की दोहरी सफलता की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव छपरा पहुंची, तो जश्न का माहौल बन गया. ग्रामीणों और स्थानीय खेल प्रेमियों ने इसे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक पल बताया है. लोगों का कहना है कि हिमांशु ने यह साबित कर दिया है कि यदि संकल्प दृढ़ हो, तो संसाधनों की कमी और छोटे शहर की सीमाएं कभी भी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में बाधा नहीं बन सकती हैं. उनकी उपलब्धि रजौली और नवादा के उभरते खिलाड़ियों के लिए ऊर्जा का नया संचार करेगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By KR MANISH DEV

KR MANISH DEV is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >