फोटो कैप्शन – सकरी नदी में जेसीबी से छठ घाट तैयार होते
प्रतिनिधि, गोविंदपुर
प्रखंड क्षेत्र में रविवार को रविवार से नहाय-खाय के साथ चैती छठ शुरू हो गया. घर-आंगन में छठ गीत गूंज रहे हैं. इस बीच व्रती नियम के साथ पूजा की तैयारी में जुट रहे है. सोमवार को छठव्रतियों ने खरना का प्रसाद तैयार किया. दिनभर उपवास रखने के बाद संध्या समय विधि-विधान से पूजा कर प्रसाद ग्रहण किया और लोगों में बांटा. खरना के साथ ही छठ पर्व का महत्व और बढ़ जाता है. इसमें शुद्धता और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जाता है. मंगलवार की संध्या व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ देंगे. बुधवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ अर्पित करने के साथ ही चार दिवसीय महापर्व का समापन होगा.
छठ घाटों की सफाई में जुटा रहा प्रशासन
छठ पूजा को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सजग नजर आया. गोविंदपुर के प्रसिद्ध सकरी नदी स्थित इमली छठ घाट व सराय छठ घाट को विशेष रूप से तैयार कराया गया. प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमार शैलेंद्र, थाना अध्यक्ष विजय कुमार व स्थानीय मुखिया अनुज सिंह के संयुक्त सहयोग से जेसीबी मशीन से घाटों की सफाई और समतलीकरण का कराया गया. दोनों छठ घाटों को तैयार किया गया. इससे व्रतियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो. थानाध्यक्ष विजय कुमार स्वयं सुबह से घाट पर मौजूद रहकर कार्यों की निगरानी करते नजर आये. गौरतलब है कि हाल ही में मौसम के बदले मिजाज और पहाड़ी क्षेत्रों में हुई अधिक वर्षा के कारण सकरी नदी में जल प्रवाहित होने लगा है. इससे छठ व्रतियों को पूजा-अर्चना में काफी सहूलियत मिली है, अन्यथा पहले नदी सूखी होने के कारण जल संग्रह की समस्या उत्पन्न हो रही थी.