नालियों का निकास नहीं घरों में घुस रहा गंदा पानी

नवादा : शहर का वार्ड नंबर 17 शहर की पुरानी व नयी आबादी का मिलाजुला हिस्सा है. नयी आबादी के लोग शहरीकरण की दौड़ में आये हैं, लिहाजा जितनी जमीन खरीदी उतने पर मकान बना लिया. पुरानी आबादी के पास शहरीकरण का कोई प्लान नहीं था. लिहाजा जैसे-तैसे बसे रहे. अब जब समस्याएं आनी शुरू […]

नवादा : शहर का वार्ड नंबर 17 शहर की पुरानी व नयी आबादी का मिलाजुला हिस्सा है. नयी आबादी के लोग शहरीकरण की दौड़ में आये हैं, लिहाजा जितनी जमीन खरीदी उतने पर मकान बना लिया.
पुरानी आबादी के पास शहरीकरण का कोई प्लान नहीं था. लिहाजा जैसे-तैसे बसे रहे. अब जब समस्याएं आनी शुरू हुई तो सब अपना समाधान बरहगैनियां में ढूंढ़ने लगे. वार्ड के लोग बड़े दावे के साथ कहते हैं बरहगैनियां का पक्कीकरण नहीं कराया गया. इससे जलजमाव होता है. नालियों का निकास नहीं है. घरों का पानी मुहल्ले में जमा रह जाता है. पटेल भवन के पास सड़क के किनारे भैंस बंधी रहती है. यह भी स्थानीय लोगों को परेशान करता है.
मुहल्ले से गुजरी बिजली के तार काफी नीचे हैं. यह लोगों के लिए खतरा बना है. इस वार्ड के दक्षिणी हिस्से पुराने वासियों का तो उत्तरी हिस्से नये वासियों का है. लगभग 23 सौ के मतदाताओं का यह हिस्सा बुनियादी सुविधाओं से भरा पूरा है. पर नगरीय संस्कृति के हिसाब से नगर पर्षद की सुविधाएं जैसे पानी का सप्लाइ, नालियों का पक्कीकरण, सफाई की समुचित व्यवस्था आदि का घोर अभाव है. इसके मुहल्लों में पटेलनगर, माल गोदाम व पोस्टमार्टम रोड का एरिया को अभी और विकास की जरूरत है. वार्ड के कई इलाकों में चौड़ी सड़क का अभाव है. कई गलियों में लाइट नहीं लगे हैं.

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