पति की तलाश में वर्षों से भटक रही महिला

17 वर्षों से लापता राम स्वरूप को खोजने में पुलिस विफल नवादा कार्यालय : 17 साल पहले बाजार के लिए निकले राम स्वरूप यादव आज तक घर लौट कर नहीं आये, उनकी राह तकती आंखें अब बूढ़ी हो चुकी है. लेकिन उनके आने का इंतजार आज तक खत्म नहीं हुई. महिला के बेटे ने सनहा […]

17 वर्षों से लापता राम स्वरूप को खोजने में पुलिस विफल
नवादा कार्यालय : 17 साल पहले बाजार के लिए निकले राम स्वरूप यादव आज तक घर लौट कर नहीं आये, उनकी राह तकती आंखें अब बूढ़ी हो चुकी है. लेकिन उनके आने का इंतजार आज तक खत्म नहीं हुई. महिला के बेटे ने सनहा भी दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस गुमशुदा शिक्षक की तलाश नहीं कर पायी.
इस पर महिला ने पटना उच्च न्यायालय में वाद संख्या सीडब्लूजेसी 1408/2015 दाखिल किया. न्यायालय के आदेश पर पुलिस हरकत में आयी और महिला को गुमशुदगी का आवेदन समर्पित करने के लिए सूचित किया. तब जाकर एक अगस्त को नगर थाने में गुमशुदगी का आवेदन देकर महिला ने नये सिरे से अपने पति की तलाश के लिए पुलिस से मांग की. दिये गये आवेदन के अनुसार औरंगाबाद जिले के करंजा गांव की माहेश्वरी देवी के पति राम स्वरूप यादव 11 जून 1999 से लापता हैं. श्री यादव नवादा के पकरिया हाइ स्कूल में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत थे. वह शहर स्थित न्यू एरिया में रामलखन शर्मा के मकान में किराये पर रह रहे थे.
11 जून 1999 की शाम में बाजार को निकले श्री यादव फिर दोबारा घर लौटकर नहीं आये. इसको लेकर उनके बेटे आलोक कुमार द्वारा नगर थाने में सनहा भी दर्ज कराया गया था, लेकिन 17 साल बीत जाने के बावजूद भी पुलिस उनकी तलाश नहीं कर पायी. पति के लौट आने की आस में पथरा चुकी आंखें अब बोझिल हो गयी हैं. बुजुर्ग हो चुकी माहेश्वरी ने आवेदन देकर कहा है कि अब भी मेरे पति की तलाश की जाये. इसके साथ ही नौकरी में मिलनेवाली मुआवजा राशि दिलवाने की गुहार लगायी है, जिससे की उनकी जिंदगी का गुजर बसर हो सके.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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