छाया रहा सूखा, विकास और बिजली का मुद्दा
राशि के अभाव में नहीं लिया पंचायतों में विकास के काम का प्रस्ताव
हिसुआ : बुधवार को प्रखंड कार्यालय सभागार में पंचायत समिति की बैठक हुई. इसमें सूखा, विकास और बिजली का मुद्दा छाया रहा. चुनाव के बाद यह समिति की पहली बैठक थी. हिसुआ को सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग का प्रस्ताव सबसे ऊपर रहा. किसानों और गांव के हित को देखते हुए सभी इसके पक्ष में रहे. राशि नहीं रहने की वजह से पंचायतों में विकास के काम का प्रस्ताव नहीं लिया गया.
विकास और विभिन्न योजनाओं के लिए राशि आवंटन की मांग का प्रस्ताव लिया गया. कैथिर पंचायत के मुखिया नीरज कुमार उर्फ सैंपु ने पंचायत मुख्यालय में आधे-अधूरे निर्माण को पूरा करने का प्रस्ताव दिया. पंचायत के मुर्गियाचक, अजय नगर, विजय नगर, कैथिर मुसहरी आदि गांवों में बिजली की समस्या का निदान निकालने की मांग रखी. सकरा, मंझवे सहित तीन जगहों पर पशु चिकित्सालय की स्थापना की मांग का प्रस्ताव लिया गया. इंदिरा आवास के तहत निर्माण किये जा रहे शौचालयों की चर्चा भी बैठक में हुई. पीएचइडी से अनुदान की राशि बंद होने से ठप निर्माण का निदान निकालने का मुद्दा उठा. इसके अलावे आपूर्त्ति विभाग के मामले भी उठे. राशन और किरासन वितरण को बेहतर बनाने की मांग और आ रही शिकायतों के निवारण पर मंथन हुआ.
बैठक की अध्यक्षता नवनिर्वाचित प्रमुख ललिता देवी ने की. धन्यवाद ज्ञापन बीडीओ रंजीत कुमार वर्मा ने किया. बैठक में उपप्रमुख धर्मवीर उर्फ पुकार सिंह, विधायक प्रतिनिधि व पैक्स अध्यक्ष लक्ष्मीकांत उर्फ विगन सिंह, मुखिया प्रभावती देवी, रामानंद सिंह, नीरज कुमार सैंपु आदि उपस्थित थे. अधिकारियों में सीओ पिंटू कुमार, बीइओ रविंद्र कुमार, एमओ मनोज कुमार आदि उपस्थित थे.
