8-10 आयुवर्ग के बच्चों पर होगा जोर
नवादा कार्यालय : अब स्कूलों से दूर रहने वाले अनपढ़ बच्चे भी शिक्षित होंगे. सामाजिक, पारिवारिक व आर्थिक मजबूरी के कारण स्कूलों से दूर रहनेवाले बच्चों को प्रयास केंद्र के माध्यम से शिक्षित करने की सरकार की योजना जल्द ही मूर्त रूप लेनेवाली है. ऐसे बच्चों को विद्यालयी शिक्षा से जोड़ने को लेकर सदर प्रखंड स्थित बीआरसी में प्रखंड साधन सेवियों को चार दिवसीय गैर आवासीय विशेष प्रशिक्षण के तहत ट्रेनिंग दी जा रही है. जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर में प्रत्येक प्रखंड से दो बीआरपी को मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षित किया जा रहा है.
प्रयास केंद्रों के माध्यम से होगी पहल: जिले के आठ से 10 आयु वर्ग के छिजित व अनामांकित बच्चों को चिह्नित करके प्रयास केंद्रों से जोड़ने की कवायद की जायेगी. इसमें विद्यालय के बाहर बच्चों के लिए प्रयास केंद्र का निर्माण किया जाना है. चिह्नित बच्चों को इन केंद्रों पर नामांकन कराया जायेगा. प्राथमिक व मध्य विद्यालय के कर्मठ शिक्षकों द्वारा विद्यालय अवधि में या सुनियोजित कार्यक्रम के तहत इन बच्चों को पढ़ाया जाना है. प्रत्येक प्रयास केंद्र पर पांच सदस्यीय समिति होगी. इनमें विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, सचिव, संबंधित विद्यालय के प्राचार्य, एक वरीय शिक्षक व संकुल संसाधन केंद्र समन्वयक शामिल रहेंगे.
शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना मुख्य उद्देश्य : विशेष प्रशिक्षण के तहत अनामांकित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कराने की ट्रेनिंग दी जानी है. स्कूलों से दूर रहनेवाले बच्चों को सामान्य बच्चों की शिक्षा दीक्षा की श्रेणी में लाना इस कार्यक्रम का उद्देश्य है. ऐसे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़कर उनकी उम्र के अनुसार दक्षता प्राप्ति कराना, शत प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराना सहित मूल्यांकन करना भी इस कार्यक्रम में शामिल है.
मास्टर ट्रेनर अजय कुमार व सहायक संजय कुमार द्वारा 14 प्रखंडों से आये 28 प्रतिभागी बीआरपी को चार दिवसीय कार्यक्रम में प्रशिक्षित किया जाना हैं. शिविर में अर्चना वर्मा, चंद्रप्रभा, सुधा कुमारी, जयमिला कुमारी, प्रीतम कुमार, सुनील कुमार, महेंद्र प्रसाद निराला, राजकपूर वर्मा, वीरेंद्र कुमार विद्यार्थी सहित अन्य बीआरपी उपस्थित थे.
