नवादा (सदर) : शहर में स्वच्छता अभियान का असर नहीं दिख रहा है. सफाई कर्मचारियों के अभाव में शहर की मुख्य सड़कों पर ही झाड़ू लगाया जाता है, जबकि कई गलियों में आज तक झाड़ू लगा ही नहीं है.
नगर पर्षद क्षेत्र के कई वार्डों की गलियां ऐसी है, जहां नगर पर्षद के सफाईकर्मी पहुंच ही नहीं पाते हैं. बरसात के इस मौसम में कई गलियों में कूड़े का ढेर रहने से स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
सुविधा नहीं बदली : वर्ष 1970 में नवादा नगर पालिका का गठन होने के बाद से भले ही शहर की आबादी कई गुणा बढ़ गयी, लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं बदला. सफाई कर्मचारियों की संख्या 46 वर्षों में बढ़ने के बजाय 35 से घट कर 26 पर पहुंच गयी है. कर्मचारियों की संख्या 15 के जगह 22 हो गयी, लेकिन सुविधा जस के तस हैं. नगर पालिका गठन के दौरान शहर में कुल 12 वार्ड थे, जो बाद में बढ़ कर 16, 24 व अब 33 तक पहुंच गयी है.
होल्डिंग टैक्स की हो रही वसूली
शहर में रहने वाले अधिकतर लोगों से टैक्स की वसूली की जा रही है. सुविधा देने के नाम पर नगर पर्षद गलियों की पीसीसी व नाले का निर्माण करा रही है. शहरी विकास मद के साथ ही अन्य योजनाओं से प्राप्त राशि से ही विकास कार्य हो रहा है. वर्षों पहले सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने को लेकर बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव लाये गये थे. नगर विकास विभाग को भेजे गये प्रस्ताव का कोई जवाब नहीं आने के कारण अस्थायी सफाईकर्मियों से शहर की सफाई का काम लिया जा रहा है. शहर की आबादी के 80 प्रतिशत घरों से टैक्स की वसूली की जाती है. सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं मिल पा रहा है.
संसाधन का उपयोग नहीं : शहर की सफाई को लेकर काफी संख्या में ट्रॉली व छोटे वाहन की खरीद की गयी थी, ताकि गलियों में पहुंच कर सफाई में सहयोग कर सके. खरीद होने के बाद भी संसाधन का उपयोग नहीं होने के कारण परेशानी हो रही है.
