बस पड़ाओं में सुविधाओं का अभाव

बस पड़ाओं में सुविधाओं का अभाव यात्री शेड, रोशनी व सुरक्षा की नहीं है व्यवस्था फोटो-3प्रतिनिधि, नवादा (सदर)जिला व ग्रामीण इलाकों के बस पड़ावों में यात्री सुविधाओं की घोर कमी है. इससे लोगों को काफी परेशानियों को सामना करना पड़ता है. रोशनी व सुरक्षा के अभाव में शाम होते ही बस पड़ाव वीरान हो जाते […]

बस पड़ाओं में सुविधाओं का अभाव यात्री शेड, रोशनी व सुरक्षा की नहीं है व्यवस्था फोटो-3प्रतिनिधि, नवादा (सदर)जिला व ग्रामीण इलाकों के बस पड़ावों में यात्री सुविधाओं की घोर कमी है. इससे लोगों को काफी परेशानियों को सामना करना पड़ता है. रोशनी व सुरक्षा के अभाव में शाम होते ही बस पड़ाव वीरान हो जाते हैं. सुबह से शाम तक इन इलाकों से वाहनों का खुलना जारी रहता है. बस पड़ावों का ठेका भी प्रति साल किया जाता है. प्रतिदिन दर्जनों की संख्या में वाहन इन पड़ावों से खुलते हैं लेकिन, यात्रियों की सुविधा के नाम पर कुछ भी मौजूद नहीं है. हिसुआ, रजौली, पकरीबरावां व वारिसलीगंज बस पड़ाव की हालत एक जैसी ही बनी है. दिन भर गुलजार रहनेवाला बस पड़ाव रात में वीरान हो जाता है. बस पड़ाव में शाम के बाद रोशनी नहीं रहने के कारण यात्रियों को खुद अपनी सुरक्षा का ख्याल रखना पड़ता है. इन बस पड़ाओं में शौचालय भी नहीं है. इससे यात्रियों को और परेशानी होती है. हिसुआ से कोलकाता के लिए भी वाहन खुलते हैं. फिर भी बस पड़ाव में यात्रियों की सुविधाओं की कमी है. हिसुआ से खुलनेवाले वाहनों से ठेकेदारों द्वारा चुंगी वसूली जाती है. यहां यात्रियों के लिए शेड नहीं है. पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं रहने के कारण यात्री बोतलबंद पानी खरीदकर पीते हैं. वारिसलीगंज में बस पड़ाव नहीं रहने के कारण सड़क किनारे ही वाहनों को खड़ा किया जाता है. एनएच 31 पर स्थित रजौली में बस पड़ाव में यात्रियों की सुविधा की मांग कई साल से की जा रही है. लेकिन, प्रशासन का अब तक कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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