पंचायत समिति सदस्य नोमिता कुमारी ने जिला प्रशासन से की मुआवजे की मांग फोटो कैप्शन — फसल को रौंदते जंगली हाथी. प्रतिनिधि, कौआकोल प्रखंड के पहाड़ी क्षेत्रों से सटे गांवों में जंगली हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा मामला बुधवार की रात नावाडीह गांव से सामने आया, जहां दो दर्जन से अधिक हाथियों के झुंड ने जमकर तबाही मचायी. हाथियों ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरते हुए हजारों रुपये मूल्य की लहलहाती गेहूं की फसल को रौंदकर पूरी तरह नष्ट कर दिया. प्रभावित किसानों सुरेश चंद्रा, कारू यादव, लूटन यादव, जयप्रकाश यादव, राजकुमार यादव, उर्मिला देवी और विशेश्वर यादव ने बताया कि देर रात अचानक हाथियों का झुंड खेतों में घुस आया और करीब पांच बीघा से अधिक क्षेत्र में लगी फसल को पैरों तले कुचल दिया. किसानों ने बताया कि उनकी साल भर की मेहनत और जमा पूंजी इसी फसल पर निर्भर थी, जो अब पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है. इस घटना से उन्हें भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा है. हाथियों के लगातार मूवमेंट से नावाडीह और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है. शाम होते ही ग्रामीण घरों में दुबकने को मजबूर हो रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की ओर से हाथियों को खदेड़ने या सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किये जा रहे हैं, जिससे उनकी जान-माल पर खतरा बना हुआ है. घटना की सूचना मिलने पर पंचायत समिति सदस्य नोमिता कुमारी ने प्रभावित किसानों के प्रति सहानुभूति जतायी. उन्होंने जिला प्रशासन और वन विभाग के वरीय अधिकारियों से अविलंब स्थल निरीक्षण कर फसल क्षति का आकलन कराने और पीड़ित किसानों को शीघ्र उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि वे इस आर्थिक संकट से उबर सकें.
कौआकोल के नावाडीह गांव में जंगली हाथियों ने फसलों को रौंदा, किसान परेशान
NAWADA NEWS.प्रखंड के पहाड़ी क्षेत्रों से सटे गांवों में जंगली हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा मामला बुधवार की रात नावाडीह गांव से सामने आया, जहां दो दर्जन से अधिक हाथियों के झुंड ने जमकर तबाही मचायी.
