एकता शिविर में समायी भारत की विविधता नवादा में चल रहा नेहरू युवा केंद्र का पांच दिवसीय राष्ट्रीय एकता शिविर समावेशी भाव का हो रहा प्रदर्शनअलग अलग वेश-भूषा में युवाओं को देख लोग हुए मंत्रमुग्धफोटो-5 से 12 तकप्रतिनिधि, नवादा (नगर)अलग भाषा, अलग वेश फिर भी अपना एक देश के रूप में लघु भारत का स्वरूप नेहरू युवा केंद्र के राष्ट्रीय एकता शिविर में देखने को मिल रहा है़ 27 से 30 नवंबर तक चलने वाले शिविर में देश के सात राज्यों के प्रतिनिधि भाग ले रहे है़ बिहार सेवा संस्थान परिसर में आयोजित कार्यक्रम की भव्यता देखते हीं बनती है़ यहां विभिन्न प्रकार की बोली, वेश-भूसा, रहन-सहन का समावेशी रूप देखने को मिल रहा है़ शनिवार को कार्यक्रम की शुरूआत सुबह साढ़े पांच बजे से योग व व्यायाम के साथ हुई. इसके बाद शहर की सड़कों पर शोभायात्रा निकाली गयी. इसमें विभिन्न राज्यों की संस्कृतियों को समेटे युवाओं की टोलियां जिस ओर से गुजरी लोग देखकर मंत्रमुग्ध होते रहे. शिविर में सिक्किम, छत्तीसगढ़, दिल्ली, यूपी, पश्चिम बंगाल, झारखंड आदि से आये युवा अपने अपने राज्यों के लोक संगीत व लोक नृत्य की प्रस्तुति के साथ ही वहां की सांंस्कृतिक विरासत को भी अपने आप में सहेजे हुए थे. शोभायात्रा भगत सिंह चौक, प्रसाद बिगहा, प्रजातंत्र चौक, विजय बाजार, पुरानी कचहरी रोड, थाना रोड आदि होते हुए गुजरा़ शिविर में शामिल युवाओं ने नारद संग्रहालय का दौरा भी किया़ शोभायात्रा समाहरणालय भी पहुंचा़ सामाजिक समरसता दिखा रहे यूपी वालेअयोध्या के श्रीराम, मथुरा के श्रीकृष्ण, वाराणसी के चंद्रशेखर आजाद, सबकी प्यारी मीरा की विरासत समेटे यूपी के आये युवाओं की टोली राष्ट्रीय एकता शिविर में अपने सांस्कृतिक विरासत को बड़े ही बाखूबी से प्रस्तुत कर रहे है़ं गाजीपुर के प्रियंका व पार्थ ने कहा कि शिविर के माध्यम से काफी कुछ सीखने को मिल रहा है़ भारत की विविधता को समझने का इससे अच्छा अवसर नहीं हो सकता है़ उत्तर-पूर्व का प्रतिनिधित्व कर रहे सिक्किम वालेसिक्किम के मारुति, चुटकी, झावरी जैसे लोक नृत्य व गीतों पर लोगों की थिरकन रूकने का नाम नहीं लेता है़ वी आर इंडियन का नारा बुलंद करते हुए सिक्किम से आये सुदेशन छेतरी, अुजू राज, सोम बहादुर राज, सृजना, महेंद्र बरदेवा, सागर राई आदि रोमांचित हो उठते है़ इनके पारंपरिक ड्रेस लोगों में अलग रोमांच पैदा करता है़ यहां के कलाकरों की प्रस्तुति भी सभी को मंत्रमुग्ध कर रहा है़ बिहारी खाने की प्रशंसा सिक्किम के प्रतिनिधि खूब कर रहे है़ं लचीले बांस की तरह है राइबेसे डांसपश्चिम बंगाल की संस्कृति को राष्ट्रीय एकता शिविर में लोकनृत्य व गीत, राइबेसे, काठी, छोउ, ढाली, कोलच के माध्यम से प्रस्तुत किया जा रहा है़ बांस से भी लचीले शरीर की आकृति बना कर किये गये राइबेसे डांस लोगों को काफी प्रभावित किया़ ढाली नृत्य में तलवार व ढाल से की गई प्रस्तुति लाजवाब रही़ हुगली व अन्य जिलों से आये 20 प्रतिनिधियों का दल अपनी कला व संस्कृति को बाखुबी शिविर में प्रस्तुत कर रहे है़ं संजय भट्टाचार्य, अषिता मंडी, बहू नाथ, मुनमुन, प्रियंका, समपा मन्ना, अंतराखान आदि ने भारतीय कल्चर को समझने का अच्छा माध्यम बताया़सबको दिल से लगाती दिल्लीदिल्ली से आये प्रतिनिधियों ने कहा कि हमें यहां जन्नत दिखई दे रहा है़ दिल्ली वाले भले ही सबको दिल से लगाते हैं, लेकिन उससे भी बड़ा दिल नवादावासियों का देखने को मिल रहा है़ जिस स्थान पर ठहराया गया है, यहां प्राकृतिक सौंदर्य भी है और आधुनिक भव्यता भी़ एकता शिविर में जिस प्रकार की वातावरण देखने को मिल रही है उससे काफी आनंद का अनुभव हो रहा है़ दिल्ली के युवाओं ने फोक डांस की प्रस्तुति की. केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित कृषि बीमा योजना के बारे में जागरूकता, नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया गया़ महिप, जयप्रकाश, आकाश, सुंदर, अमन, ज्योतस्ना आदि दिल्ली का प्रतिनिधित्व कर रहे है़ंझूमर पर झूमाया झारखंडवासियों नेप्रकृति के साथ तालमेल कर बनाये गये झूमर, संथाली जैसे लोकनृत्य पर झारखंड के युवा शानदार प्रदर्शन किया़ झारखंड के विरासत को प्रस्तुत करने में वहां के युवाओं ने करमा व धान कटनी के सूय गाये जाने वाली भी गीतों को प्रस्तुत किया़ हजारीबाग सहित अन्य जिलों के प्रतिनिधियों ने अपने कला के माध्यम से लोगों को प्रभावित किया़ झारखंड की बोली, कल्चर आदि को समेटे वहां के लड़के लड़कियों ने देश के अन्य भागों से आये प्रतिनिधियों के साथ मिल कर राष्ट्रीय एकता के संदेश को और मजबूत किया़ झारखंड के सुजाता पटेल, मंगलदीप महतो, ओमप्रकाश, भुवनेश्वर, संजय, बिन्नी लाल टुटू, जयदेव सोरेन आदि अपने विरासत को बखूबी प्रस्तुत कर रहे है़ं छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़ियाछत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक विरासत को देखने समझने का अवसर मिल रहा है़ जय जोहार के साथ एक दूसरे से सम्मान व श्रद्धापूर्वक मिलते हुए युवाओं की टोली अपनी अलग छाप छोड़ रही है़ गुलाबी सूट में सजी, छत्तीसगढ़ी लड़कियां, पंथी, ददरीया, करमा जैसे नृत्य पर अपना शानदार प्रस्तुति दी. एकता व अखंडता को प्रस्तुत करने वाले गुरूघासी दास बाबा जी महाराज की जीवन गाथा पर आधारित पंथी नृत्य का प्रदर्शन भी यहां के लोगों ने किया़ जागो गजमान जागो, जागो किसान जागो, धरती के भाग्य जागो, जैसे गीत पर छत्तीसगढ़ के युवाओं के प्रदर्शन में लोगों को वाह-वाह करने पर मजबूर कर दिया था़ 19 युवाओं के दल में अगरमन महदेवा, राजकुमार पाटले, वेदराम खांडे, संगीता जांगदे, रजनी पाड़ी, किरण बघेल, मैना भारती, रूपा कुर्रा आदि शामिल है़ आतिथ्य का मिला बिहारियों को मौकाआतिथ्य का मौका नवादा को मिला है़ अनेकता में एकता का मंत्र यहां देखने को मिल रहा है़ बिहार की भाषा, परिवेश आदि को दर्शाने में अररिया, मुंगेर, किशनगंज आदि जिलों के आये युवा अपनी पूरी कोशिश कर रहे है़ं जट जटिन, छठ गीत, गोधन गीत आदि के माध्यम से बिहार के गौरव को दर्शाया जा रहा है़ बिहार के 30 प्रतिनिधि शिविर में न केवल अपनी संस्कृति को दूसरे राज्यों के प्रतिनिधि के साथ बांट रहे है, बल्कि दूसरे राज्यों के प्रतिनिधियों को यहां के अतिथि देवो भव: के महत्व से भी परिचीत करवा रहे है़ बिहार की बोली, खानपान आदि से दूसरे राज्यों के लोग भी खूब प्रभावित हो रहे है़ छोटी बच्ची जीया राज जब यह कहती है कि इस वातावरण में सिवाय प्रेम व भाईचारा के कुछ भी नहीं सीखा जा सकता तो निश्चित ही राष्ट्रीय एकता शिविर की विशेषता जगजाहिर होती है़
एकता शिविर में समायी भारत की विविधता
एकता शिविर में समायी भारत की विविधता नवादा में चल रहा नेहरू युवा केंद्र का पांच दिवसीय राष्ट्रीय एकता शिविर समावेशी भाव का हो रहा प्रदर्शनअलग अलग वेश-भूषा में युवाओं को देख लोग हुए मंत्रमुग्धफोटो-5 से 12 तकप्रतिनिधि, नवादा (नगर)अलग भाषा, अलग वेश फिर भी अपना एक देश के रूप में लघु भारत का स्वरूप […]
