रोकें...17 साल से मिल रहा 75 रुपये मासिक

रोकें…17 साल से मिल रहा 75 रुपये मासिक वारिसलीगंज. वर्ष 1995 से पोलियो उन्मूलन को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन सक्रिय है. काफी लंबा समय बीतने के बावजूद इस दिशा में शत-प्रतिशत सफलता हाथ नहीं लगी है. सहयोगात्मक भावना से लगे पोलियो कर्मियों के पारिश्रामिक को एक दैनिक मजदूर से भी कमत्तर देखा गया. मिली जानकारी […]

रोकें…17 साल से मिल रहा 75 रुपये मासिक वारिसलीगंज. वर्ष 1995 से पोलियो उन्मूलन को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन सक्रिय है. काफी लंबा समय बीतने के बावजूद इस दिशा में शत-प्रतिशत सफलता हाथ नहीं लगी है. सहयोगात्मक भावना से लगे पोलियो कर्मियों के पारिश्रामिक को एक दैनिक मजदूर से भी कमत्तर देखा गया. मिली जानकारी के अनुसार देश में तेजी से बढ़ रहे विकलांगता के मद्देनजर 1995 से पल्स पोलियो की अभियान की शुरूआत की गयी. इसमें ग्रामीण स्तर पर बहाल किए गए लोगों को प्रतिदिन 50 रूपये पारिश्रामिक दी जाती थी. 3 वर्ष बाद वर्ष 1998 में इस राशि को 75 रूपये कर दी गयी. परन्तु इसके बाद पिछले 17 सालों से पारिश्रामिक में कोई भी वृद्धि नहीं की गयी. इसके कारण पोलियो कर्मियों में निराशा के भाव देखे जा रहे हैं. हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन अपने उद्देश्यों में पूरी तरह सफल हुआ है. बताया जाता है कि वर्ष 2018 आते ही पल्स पोलियो अभियान को समाप्त कर दिया जाएगा. इधर वर्षों से अभियान से जुडे़ कर्मी उम्मीद लगाए बैठे है कि शायद अंतिम समय में भी उनकी पारिश्रामिक बढ़ा कर इन्हें अन्य अभियानों से जोड़ा रखा जाय.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >