नवादा नगर : जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक डीएम कौशल कुमार की अध्यक्षता में की गयी. बैठक में मुख्य रूप से 15 सितंबर से शुरू होनेवाली अंतरराष्ट्रीय पल्स पोलियो कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए जिलास्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में आवश्क निर्देश दिये गये. बैठक को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि इस अभियान में कोई भी बच्चा नहीं छूटे
सही समय पर टीकाकरण से बचेगी बच्चों की जान : डीएम

सही समय पर टीकाकरण से बचेगी बच्चों की जान : डीएम
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नवादा नगर : जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक डीएम कौशल कुमार की अध्यक्षता में की गयी. बैठक में मुख्य रूप से 15 सितंबर से शुरू होनेवाली अंतरराष्ट्रीय पल्स पोलियो कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए जिलास्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में आवश्क निर्देश दिये गये. बैठक को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी कौशल कुमार […]
. माइक्रो प्लान के अनुसार पल्स पोलियो की खुराक हर बच्चे तक पहुंचाने के लिए आशा व आंगनबाड़ी सेविका को प्रशिक्षित किया गया है. साथ ही सभी प्रखंड के पीएचसी स्तर पर सभी वोलेंटियर को पल्स पोलियो अभियान के लिए प्रशिक्षित करने का निर्देश दिया गया है. डीएम कौशल कुमार ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अगर कोई बच्चा इससे छूटता है, तो लापरवाह कर्मी पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी.
टीकाकरण की हुई समीक्षा : बैठक में जिला सर्वेक्षण इाई की भी समीक्षा की गयी. इसके अंतर्गत रैबीज जैसे खतरनाक बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक निर्देश दिये गये.
इसके साथ-साथ ब्रूसेलोसिस, टॉक्सोप्लास्मोसिस, जापानीज इंसेफेलाइटिस, प्लेग, एवियन इनफ्लुएंजा लेप्टोस्पायरोसिस, स्क्रब टायफस, निपाह वायरस, कयासुर वन रोग, स्वाइन इनफ्लुएंजा आदि खतरनाक बीमारियों पर भी समीक्षा करते हुए इनसे बचाव के लिए आवश्यक निर्देश दिये गये.
सही प्रसव के लिए पहुंचें अस्पताल : समीक्षा के क्रम में सुरक्षित मातृत्व पर डीएम कौशल कुमार द्वारा विस्तृत चर्चा की गयी. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की डिलिवरी घर पर ना करके स्वास्थ्य केंद्रों या सदर अस्पताल में ही कराएं. घर पर प्रसव की क्रिया में किसी प्रकार की आपातकालीन कठिनाई से निबटने की व्यवस्था ना होने पर गर्भवती महिलाओं की मौत भी हो सकती है.
इन आपातकालीन समस्याओं से बचने के लिए अस्पताल में ही प्रसव कराना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि जो आशा सुरक्षित मातृत्व में सबसे अच्छा कार्य करेगी उसे जिला स्तर पर पुरस्कृत किया जायेगा साथ ही जो कर्मी इसमें लापरवाही बरते पाये जायेंगे उन पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी.
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में एएनसी पर रजिस्ट्रेशन व हिमोग्लोबिन जांच आवश्यक है. गर्भवती महिलाओं को देखभाल की जिम्मेदारी सभी पीएचसी प्रभारी व बीएचएम की होगी. एएनसी कार्यक्रम में जिस आशा का कार्य शून्य होगा उन्हें चिह्नित कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी. सभी गर्भवती महिलाओं को पीएचसी में कार्ड लाना आवश्यक होगा.