नवादा नगर : शहर में रह-रहकर हो रही बारिश से शहर की सूरत बिगड़ गयी है. ऐसे में सड़कों पर पसरा कचरा और गंदे नालियों के पानी से लोगों को पैदल चलना मुश्किल हो गया है. शहर में थम-थमकर शुरू हुई बारिश से नगर पर्षद के सफाई व्यवस्था का दम टूट गया है. शहर के कई प्रमुख स्थानों पर पानी जमा हो चुका है. नालियों के पानी का निकास नहीं रहने के कारण सड़कों पर नालियों का पानी बहने लगी है. इससे लोगों को सड़कों पर पैदल चलना काफी मुश्किल हो गया है.
हल्की बरसात में ही सफाई व्यवस्था ने तोड़ा दम, मुख्य मार्गों में नालियों का भरा पानी
नवादा नगर : शहर में रह-रहकर हो रही बारिश से शहर की सूरत बिगड़ गयी है. ऐसे में सड़कों पर पसरा कचरा और गंदे नालियों के पानी से लोगों को पैदल चलना मुश्किल हो गया है. शहर में थम-थमकर शुरू हुई बारिश से नगर पर्षद के सफाई व्यवस्था का दम टूट गया है. शहर के […]

इसके साथ ही शहर के सड़कों पर फैली गंदगी से कीचड़ भर गया है. पूरी तरह से शहर की स्थिति नरकीय हो गयी है. इन हालात में लोगों का घर से निकलना काफी मुश्किल हो गया है. शहर की सफाई व्यवस्था को ठीक करने के लिये विभाग ने तीन एजेंसियों के साथ टेंडर कर नयी सफाई एजेंसी को जिम्मा देने की पूरी तैयारी कर ली है.
इसके अलावा जिन इलाकों में बारिश से गंदगी फैली है, उन इलाकों में सफाई कार्य किये जाने की शुरुआत करने की बात कही जा रही है. वैसे शहर का जो भौगोलिक स्थिति है उसमें जल जमाव और गंदगी का होना कोई नयी बात नहीं है. नगर पर्षद ने आज तक इस पर ध्यान नहीं दिया है.
शहर के कुछ महत्वपूर्ण इलाकों की स्थिति :शहर के कुछ महत्वपूर्ण इलाके ऐसे हैं जहां अक्सर जल जमाव की स्थिति बनी रहती है. इनमें शहर के पुरानी जेल रोड, प्रजातंत्र चैक आदि स्थानों पर हमेशा जल जमाव की स्थिति बनी रहती है.
इसके अलावा शहर के पुरानी बाजार, विजय बाजार, इंदिरा गांधी चैक, थाना रोड तथा मेन रोड में जरा सी बारिश होते ही जलमग्न हो जा रही है. मेन रोड शहर का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है. लेकिन, इसकी हालात देखने के बाद शहर की सफाई व्यवस्था की पोल खुलने जैसी है. सड़क पर पसरा गंदगी बारिश के पानी से कीचड़ का रूप ले लिया है.
सड़क पर जल जमाव और कीचड़ से हालात ऐसी बन गई है कि इस मार्ग से गुजरने के लिये बगैर बड़ी गाड़ी के नहीं चला जा सकता है. शहर में इस हालात को लेकर आम नागरिकों में नगर पर्षद के प्रति काफी असंतोष व्याप्त है. ऐसी हालात में लोगों से जब बात की गयी तो किसी ने भी नगर पर्षद के प्रति संतोषपूर्ण कार्य नहीं बताया.
मेन रोड में है परेशानी
शहर के मेन रोड में नाली जाम की स्थिति काफी पुराना है. शहर में कई ऐसे हिस्से हैं जहां से नाली का पानी निकासी नहीं होने से परेशानी होती है. क्षेत्र के बड़े नाली का निकास खुरी नदी में नहीं होने के कारण शहर में जल जमाव की स्थिति बनती रही है. इस बार भी निर्माणाधीन नाली का पानी खुरी नदी से नहीं जोड़ा जा सका है.
क्या कहते हैं शहरवासी
शहर में साफ-सफाई के साथ-साथ नालियों की निकास का सबसे बड़ी जरूरत है. जब तक नालियों के पानी का निकास नहीं होगा, शहर में कोई भी इलाका हो वह सुदृढ़ नहीं हो सकेगा. हम स्वच्छता की बात जिस आसानी से कर रहे हैं, वह उतना आसान नहीं है. नगर परिषद ने कभी भी सफाई के प्रति गंभीरता नहीं दिखायी है. बारिश होने के बाद दुकान में बोहनी होना मुश्किल हो जाता है. पूरे दरवाजे पर नालियों का पानी और कीचड़ भर जाता है.
नवीन कुमार, मेन रोड
सफाई की तैयारी बरसात आने के पूर्व ही होना चाहिए था. लेकिन यहां जब बरसात शुरू होती है और नालियों की पानी सड़कों पर भर जाती है तब नगर परिषद को अपने कर्तव्यों का बोध होता है. सफाई की बात करें तो बरसात के दिनों में सड़कों की हालात ऐसी हो गयी है कि घर से निकलना मुश्किल हो गया है. दुकान तो किसी प्रकार खोल लेते हैं, परंतु नालियों का पानी दरवाजे तक भरे रहने के कारण ग्राहक नहीं पहुंच पाते हैं.
राजेंद्र प्रसाद बरनवाल, मेन रोड पुरानी बाजार मोड़
क्या कहते हैं अधिकारी
शहर को स्वच्छ रखने के लिये नगर पर्षद गंभीर है, शहर के सड़कों पर जल जमाव की स्थिति नहीं हो. इसके लिए उपलब्ध संसाधनों को भी बढ़ाने का कवायद जारी है. शहर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त किया जायेगा.
देवेंद्र सुमन, कार्यपालक पदाधिकारी,नगर पर्षद