बुलडोजर एक्शन पर पप्पू यादव ने दी खुली चेतावनी, बोले- अगर 5 तारीख को गरीबों का घर टूटा तो…

Bulldozer Action in Bihar: बिहार में नई सरकार के गठन के बाद से लगातार बुलडोजर एक्शन जारी है. सभी जिलों में अतिक्रमण को हटाने के लिए यह कार्रवाई हो रही है. इसे लेकर विपक्ष के नेता लगातार सवाल उठा रहे हैं. अब पूर्णिया एमपी पप्पू यादव ने बुलडोजर एक्शन पर खुली चुनौती दी है.

Bulldozer Action in Bihar: बिहार के नालंदा के शिवनंदन नगर में अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया. जहां बुलडोजर एक्शन हुआ वहां रह रहे लोगों से मिलने पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पहुंचे. लोगों की बात सुनकर पप्पू यादव भड़क गए और केंद्र और बिहार सरकार को खुली चेतवानी देते हुए कहा कि अगर 5 दिसंबर को भी यहां बुलडोजर चलाया जायेगा तो उसे घर तोड़ने से पहले मेरी लाख के ऊपर से जाना होगा. पप्पू यादव ने यहां लोगों को आर्थिक मदद भी की.

पप्पू यादव बोले- सरकार को अब याद क्यों आया

पप्पू यादव ने एक्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिवनंदन नगर के परिवार चार-पांच पीढ़ियों से उसी जमीन पर बसे हुए हैं. सरकार ने ही इस जमीन पर इंदिरा आवास का निर्माण कराया, सड़क डाली, बिजली कनेक्शन दिए और लोग वर्षों से बिजली बिल भी चुका रहे हैं.

पप्पू यादव ने आगे कहा कि अगर जमीन वास्तव में अवैध थी, तो सरकार ने यहां पर सरकार ने अपना पैसा क्यों खर्च किया. इसकी जवाबदेही कौन तय करेगा? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जो लोग अदालत पहुंचे हैं, वे स्वयं गैर-मजरूआ जमीन पर कब्जा जमाए हुए हैं, लेकिन प्रशासन का बुलडोजर केवल गरीब और दलित परिवारों के घरों पर ही चल रहा है.

चिराग पासवान और मांझी पर साधा निशाना

पप्पू यादव ने इस एक्शन पर बिहार सरकार में शामिल चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आज अगर आप इनके लिए आवाज नहीं उठा रहे हैं तो वोट मत लीजिए. इधर गरीबों का घर छीना जा रहा है और आप चुप्पी साधे हुए हैं.

पप्पू यादव ने आगे कहा कि उनको राहुल गांधी ने यहां भेजा है. अभी संसद का सत्र चल रहा है और इस मामले को वो सदन में भी उठाएंगे. पप्पू यादव ने आगे कहा कि अगर अब बिहार में किसी गरीब या दलित के घर जो तोड़ा जायेगा तो आंदोलन होगा.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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