हादसा . अगलगी से दुकानदारों के सपने बिखर गये
रोजी-रोटी की समस्या हुई खड़ी
राजगीर (नालंदा) : सोमवार को राजगीर के कुंड परिसर में हुई अगलगी की घटना के बाद 35 परिवारों के समक्ष रोजी -रोटी की समस्या खड़ी हो गयी है. दुकानदारों के सपने बिखर गये. उनके अरमानों पर पानी फिर गया. पीड़ित कुसुम देवी जो सिंदूर, टिकुली, चूड़ी, लहठी और बच्चों के खिलौने की दुकानें चलाती हैं. उनके तो मानो सपने ही बिखर कर चूर-चूर हो गये. वे अपनी बच्ची की शादी के लिए प्रयासरत थीं. पाई- पाई जोड़ कर बच्ची की शादी की तैयारी कर रही थी. अगलगी में उनकी दुकान जल कर राख हो गयी. जमा पूंजी भी खत्म हो गयी. वे कहती हैं कि इस साल बच्ची की शादी अब कैसे कर पायेंगी. वहीं पीड़ित भोला और सुनील कुमार कहते हैं
कि लाखों रुपये का नुकसान हुआ है. हम इसी से होनेवाली कमाई से घर बनाने की शुरुआत की थी. परंतु अब इसे रोकना होगा और खुद के अपने घर में रहने का मन का अरमान फिलहाल पूरा नहीं हो सका. अब कैसे दुकान खड़ा कर सकेंगे और कैसे महाजनों का कर्ज चुकता कर सकेंगे. वहीं विधवा निर्मला देवी ने कहा कि पहले तो पति दुनिया छोड़ कर चले गये. अब अगलगी ने दुखों का पहाड़ ढा दिया. बच्चों का पालन पोषण कैसे कर पाऊंगी पता नहीं. बेटी की शादी व बच्चों के पठन – पाठन की चिंता सताने लगी है. फिल्हाल प्रशासन ने इन पीड़ितों के रहने- खाने के लिए राहत शिविर का आयोजन किया है. डीएम खुद वहां पहुंच कर शिविर में लोगों का सहायता प्रदान कर रहे हैं.
अग्निपीड़ितों की सहायता में न हो कोई कमी : डीएम : राजगीर कुंड क्षेत्र में सोमवार की राशि में अगलगी की हुई घटना में प्रभावित लोगों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही राहत शिविर चलाने का निर्देश जिला पदाधिकारी डाॅ त्याग राजन एसएम ने दिया है. राहत शिविर में रोशनी, पानी सहित तीन टाइम भोजन की व्यवसथा करने को कहा गया है. इसके लिए प्राथमिक विद्यालय कुंडपर में राहत शिविर शुरू हो गया है. इस अग्निकांड में जली बकरियों के लिए प्रभावित व्यक्तियों के बीच 24 हजार रुपये को राहत अनुदान तत्काल दिया गया है. डीएम ने प्रभावित परिवारों को साड़ी, धोती सहित अन्य आवश्यक सहायता पहुंचाने की निर्देश दिया गया है. रात में जैसे ही भीषण अग्निकांड की सूचना डीएम को मिली. उन्होंने एसडीओ एवं एसडीपीओ के साथ ही अग्निशमन पदाधिकारी को अग्निशमन वाहनों के साथ फौरन मौके पर भेजा, जिससे आग पर काबू पाने में मदद मिली.
