पहल. ट्विटर व फेसबुक पर लोग दे रहे अपनी राय
स्मार्ट सिटी के प्रपोजल का बनें भागीदार
स्मार्ट सिटी का दर्जा मिला, तो रोजगार का होगा सृजन
छोटे उद्योग व मार्केट आधारित रोजगार की व्यवस्था
देश के 46 शहरों के बीच स्मार्ट सिटी की प्रतियोगिता जारी
बिहारशरीफ : कैसा हो अपना सपनों का शहर! बिहारशरीफ के रहनेवाले शहरी लोग मजे से अपनी राय दे रहे हैं. आप भी चुके नहीं. 15 मार्च तक सपनाें का बिहारशरीफ बनाने के लिए कमेंट दे सकते है. आपके द्वारा दी गयी राय को तीसरे राउंड के प्रपोजल में शामिल होगा. जब शहर को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिल जायेगा, तब मजे से कह सकते हैं अमुक राय मैंने…दी है. आप जितने जागरूक और आपकी क्षमता कैसी इसका आंकलन करने के साथ ही स्मार्ट सिटी के प्रपोजल का भागीदार बनने का अच्छा मौका है.
हालांकि अब तक फेसबुक पर छह हजार, ट्विटर पर पांच हजार पांच सौ लोग अपनी राय दे चुके हैं. बिहारशरीफ को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिला, तो रोजगार का भी सृजन होगा. 1306 करोड़ रुपये के बननेवाले प्रपोजल से काफी विकास का काम होगा. छोटे उद्योग व मार्केट आधारित रोजगार की व्यवस्था हो सकता है. इसके लिए भी प्रपोजल में जगह दी जा रही है.
नगर आयुक्त कौशल कुमार बताते हैं कि स्मार्ट सिटी का अर्थ यह नहीं है बिहारशरीफ शहर अपने आप में पूर्ण है समस्या समाधान और बेसिक नागरिक सुविधा को बढ़ाया जाना ही स्मार्ट सिटी का उद्देश्य है. लोगों की यह धारणा बन गयी है कि शहर में कमी रहने के कारण ही स्मार्ट सिटी का दर्जा नहीं मिल पर रहा है. ऐसा नहीं है. बेहतर नागरिक सुविधा के लिए ही शहर को स्मार्ट बनाया जाना उद्देश्य हैं. स्मार्ट सिटी का दर्जा नगर निगम को मिल गया तो बिहारशरीफ शहर और भी चकाचक हो जायेगा. वर्तमान समय में देश के 46 शहरों के बीच स्मार्ट सिटी की प्रतियोगिता जारी है. स्मार्ट सिटी के लिए 15 मार्च तक शहर के लोगों की राय ली जा रही है. शहर के लोग अपना बहुमूल्य राय दे सकते है. दी गयी राय बेहतर रहा तो प्रपोजल में शामिल किया जाना तय है.
पीपी मोड में लगेगा कचरा रिसाइकिलिंग प्लांट : शहर में वर्तमान समय में कई समस्या है, इसमें ट्रैफिक व्यवस्था, गंदे जल निकासी की बेहतर निकासी. सुरक्षा की बेहतर व्यवस्था.
सफाई, शिष्ट कचरा प्रबंधन से लेकर अन्य समस्या भी है. नालियों के पानी की निकासी करना शहर के लिए सबसे बड़ा चुनौती है. पीपी मोड में कचरा रिसाइकिलिंग की अभी प्लान नगर निगम के द्वारा की जा रही है. इसके लगने से नगर निगम को कचरे की बिक्री से आय भी होगी.
15 मार्च तक दें अपने विचार
स्मार्ट सिटी का दर्जा बिहारशरीफ को मिले इसके लिए मेहनत की जा रही है. शहर के लोग अपने विचार 15 मार्च तक दे सकते हैं. ट्विटर, व्हाइटसएप, फेस, नगर निगम के पोर्टल पर राय दे सकते हैं.
कौशल कुमार, नगर आयुक्त नगर निगम बिहारशरीफ
मिलेगी बेहतर सुविधा
स्मार्ट सिटी होने से शहर का सर्वांगीण विकास तय है. शहर का इससे विकास होगा. लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी.
सुधीर कुमार, मेयर नगर निगम बिहारशरीफ
