कार्ड पर एक ही परिवार के छह सदस्यों के इलाज की है सुविधा
बिहारशरीफ : राष्ट्रीय स्वस्थ्य बीमा योजना के तहत दिये गये बीपीएल स्मार्ट कार्ड की वैलेडिटी इसी माह तक है. इस माह की 31 तारीख के बाद कार्ड पर इन स्मार्ट कार्ड पर इलाज होना बंद हो जायेगा. राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को निजी क्लिनिकों में इलाज के लिए यह योजना चलायी गयी है. अब जबकि इस माह से सेवा समाप्त होने वाली है और प्रशासन की ओर से गरीब परिवारों को मुुकम्मल जानकारी दिये जाने के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है. इसके कारण कार्ड रहते हुए भी लोग सेवा से वंचित है. हालांकि पिछले दो साल से कार्ड का तो एक्टेंशन किया जा रहा है, लेकिन राशि की सीमा नहीं बढ़ायी गयी है. साथ ही बीपीएल परिवार वालों का नया कार्ड नहीं बनाया गया है. इसके कारण नये लोग भी योजना का लाभ लेने से वंचित हैं. राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा का लाभ अधिकतम लोगों को मिले इसके लिए प्रयास भी नहीं की जा रही है.
अब तक 11 हजार गरीब परिवार का हुआ इलाज :जिले के करीब एक लाख 95 हजार बीपीएल परिवार का कार्ड बनाया गया था. कार्ड के आधार पर दिसंबर 2016 तक 20 हजार बीपीएल परिवार के द्वारा फायदा उठाया गया है. या यू कहे कि उतने कार्डधारियों का इलाज हुआ है. जबकि कार्ड के आधार पर 11 मरीजों के एवज में संबंधित क्लीनिकों को आठ लाख 39 लाख 24 हजार 12 रुपये का भुगतान किया जा चुका है. जबकि कुल 15 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का इलाज हो चुका है. इलाज के लिये जिले के 42 निजी क्लिीनिकों का चयन किया गया है. चयनित क्लीनिकों में कार्ड के आधार पर इलाज 31 मार्च तक ही की जायेगी. डीआरडीए के द्वारा बताया गया है कि नये वित्तीय साल के लिए अभी आदेश नहीं जारी किया गया है. नालंदा सेवा सदन के फिजिसिशन डा.सियाशरण प्रसाद व ममता हॉस्पिटल के शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ सुनील कुमार ने बताया कि बीपीएल परिवार के लोगों के चलायी गयी योजना का फायदा यह है कि पैसे के अभाव वाले परिवार जरूरत के अनुसार कार्ड पर इलाज करा सकते हैं.
योजना के बारे जानकारी का है अभाव
बीपीएल परिवार के सदस्यों का कहना है योजना के बारे में जानकारी नहीं दिये जाने के कारण ही कम लोगों का इलाज हो सका है. कैंप लगाकर योजना की जानकारी नहीं दी जाती है.
जिले में तीन लाख से अधिक बीपीएल परिवार हैं.
