एसआइटी कई बिंदुओं पर कर रही है जांच
बिहारशरीफ : कैशवैन पर हमला बोल कर गार्ड व कैशियर की हत्या करने वाले अपराधियों की खोज में नालंदा पुलिस जुट गयी है. घटना के सात घंटे बाद मामले के उद्भेदन को लेकर गठित एसआइटी अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर नालंदा के अलावे दूसरे जिले में भी छापेमारी कर रही है. पुलिस इस दोहरे हत्याकांड के उद्भेदन को लेकर आधुनिक अनुसंधान का सहारा लिया है. पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस घटना में पुलिस कैशवैन के चालक योगेंद्र कुमार व वैन के एटीएमओ चंदन कुमार पांडेय से विशेष पूछताछ कर रही है. घटना के बाद एटीएमओ ने ही पत्रकारों को बताया था कि घटना के वक्त कैशवैन में 20 लाख रुपये थे, जो घटना के बाद नहीं हैं. सोमवार को कैशवैन के गार्ड व कैशियर की हत्या के बाद नालंदा के पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष ने इस घटना में किसी भी लूट की घटना से सीधे तौर पर इनकार कर दिया था.
पेशेवर अपराधियों ने दिया वारदात को अंजाम : पुलिस सूत्रों की माने, तो इस दोहरे हत्याकांड में पेशेवर अपराधियों की भूमिका की बात सामने आ रही है. अपराधियों ने जिस अंदाज में कैश वैन को कवर कर के उसके गार्ड वृजनंदन प्रसाद सिंह व कैशियर रंजीत कुमार वर्मा की हत्या गोली मार कर दी थी, यह कोई पेशेवर गिरोह ही कर सकता है. जांचकर्ता अब इस बात का पता लगाने में जुटी है इस घटना में किस गिरोह का हाथ है. इस तरह की आपराधिक घटनाएं ज्यादातर गंगापार का आपराधिक गिरोह ही अंजाम देता है.
स्लीपर सेल की तलाश जारी : एसआइटी स्लीपर सेल की तलाश भी शुरू कर दी है. जांच टीम को यह अंदेशा है कि इस दोहरे हत्याकांड में संलिप्त अपराधियों को स्थानीय स्तर पर पनाह दी गयी है. एसआइटी इस मामले में अपने खुफिया विंग की मदद से स्लीपर सेल के दरवाजे तक पहुंचने की जुगत में लगी है. यहां बता दें कि कैशवैन का चालक योगेंद्र कुमार वारदात में मारे गये गार्ड वृजनंदन प्रसाद सिंह का भतीजा है. जांच टीम इस प्रकरण को सीधे तौर पर लूट से जोड़ कर नहीं देख रही है. एक वरीय पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि निकट भविष्य में घटना में संलिप्त अपराधियों की गिरफ्तारी हो जायेगी.
गौरतलब है कि मंगलवार को बाइक सवार हथियारबंद अपराधियों ने शहर के सोहसराय थाना क्षेत्र के 17 नंबर के समीप फ्लिप काट के दफ्तर के पास कैशवैन के गार्ड व कैशियर की हत्या गोली मार कर दी थी.
