बिहारशरीफ : नालंदा मॉडल चेक डैम छतीसगढ़ पहुंच गया है. इस मॉडल को छतीसगढ़ में कार्यरत आइएएस अधिकारी सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी रितेश अग्रवाल ने इसे अपनाने की पहल की है. इसी को लेकर इस मॉडल की मांग की गयी है.
मॉडल को देखने के बाद वहां के ग्रामीण विकास के सभी अधिकारियों के बीच प्रेजेंटेशन दिया गया है. वहां के अधिकारी ने बताया कि जल संकट से बचाने के लिए बेहतर स्कीम है. खासकर बस्तर ऐसा जिला है जहां इसकी उपयोगिता बेहद होगी. उन्होंने बताया कि पानी को बचाने के लिए इस तकनीक को अपनाया जायेगा. जरूरत हुआ तो नालंदा की टीम को भी बुलाकर तकनीकि जानकारी ली जायेगी.
नालंदा ने बारिश के पानी को संचय करने के लिए चेक डैम बनाया है. जिले के 16 स्थानों पर चेक डैम कार्यरत है. इसमें से एक दर्जन चेक डैम में अभी पानी मौजूद है. चेक डैम व आहर पइन में मौजूद पानी से खेतों का पटवन के साथ ही मछली पालन भी लोग कर रहे हैं.
