शहीद जितेंद्र का गंगा तट पर अंतिम संस्कार

मातम . शहीद के गम में लोगों कीे आंखों से छलक रहे थे आंसू बीहट : वंदे मातरम, शहीद जितेंद्र अमर रहे के नारों से गूंज उठा बरौनी प्रखंड का हाजीपुर गांव. हर नम आंखें शहीद जितेंद्र को निहारती व उसकी एक झलक पाने को बेताब थी. सोमवार के दिन शहीद को पूरे राजकीय सम्मान […]

मातम . शहीद के गम में लोगों कीे आंखों से छलक रहे थे आंसू

बीहट : वंदे मातरम, शहीद जितेंद्र अमर रहे के नारों से गूंज उठा बरौनी प्रखंड का हाजीपुर गांव. हर नम आंखें शहीद जितेंद्र को निहारती व उसकी एक झलक पाने को बेताब थी. सोमवार के दिन शहीद को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उसके पैतृक गांव में श्रद्धांजलि दी गयी. जिला प्रशासन की ओर से एएसआइटी के ठाकुर के नेतृत्व में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया तथा बरौनी प्रखंड बीडीओ ओम राजपूत ,सीओ विजय कुमार तिवारी एवं बरौनी थानाध्यक्ष गजेंद्र कुमार द्वारा शहीद के पार्थिव शव पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी. उसके उपरांत सीआइएसएफ की गाड़ी से शहीद जितेंद्र की सिमरिया के लिए अंतिम यात्रा आरंभ हुई, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए.
देर रात्रि गांव पहुंचा था शहीद का शव :श्रीनगर-दिल्ली-पटना होते हुए शहीद का शव लेकर रविवार की देर रात्रि सीआरपीएफ के जवान उसके पैतृक गांव हाजीपुर पहुंचे. शव पहुंचते ही परिजनों में चीख- पुकार मच गयी. मां मीना देवी, भाई राजेश, संजय, राहुल सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. उन्हें सांत्वना देने वाले भी अपने आंसू को रोक नहीं पा रहे थे.
घर से घाट तक श्रद्धांजलि देने उमड़ी लोगों की भीड़ :सोमवार की सुबह हाजीपुर गांव का हर रास्ता शहीद के घर तक जानेवाले संकरी गली की ओर जाता दिख रहा था. सिमरिया घाट तक शहीद का अंतिम दर्शन व श्रद्धांजलि देने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी. जदयू के जिलाध्यक्ष भूमिपाल राय, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय सिंह, हाजीपुर मुखिया नवल किशोर सिंह,पंसस चंदन कुमार, कृष्णमोहन पप्पू, मो नौशाद, राम नरेश सिंह, शंभु कुमार सिंह, भाजपा नेता मिथलेश सिंह, छात्र नेता रामकृष्ण, चकिया पुलिस अवर निरीक्षक गौरी शंकर राम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधि द्वारा श्रद्धांजलि दी गयी.
बड़े भाई ने दी छोटे भाई को मुखाग्नि :सिमरिया घाट पर गमगीन माहौल के बीच बड़े भाई राजेश ने मुखाग्नि दी. इसके पूर्व सीआरपीएफ की 131 वीं बटालियन के एएसआइ सुभाष चंद्र यादव के नेतृत्व में जवानों ने शहीद के पार्थिव शरीर पर राष्ट्रीय ध्वज देकर राइफल से 16 गोलियां चला कर अंतिम सलामी दी. सीआरपीएफ के अधिकारी ने बताया कि शहीद की मां को तत्काल 50 हजार की अनुग्रह राशि दी गयी है तथा प्रावधान के मुताबिक अनुकंपा के आधार पर परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जायेगी.

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