कतरीसराय डाकघर में छापा, 12 धराये

कार्रवाई. शक्ति वर्धक दवाओं के नाम पर वर्षों से चल रहा था फर्जीवाड़ा सोमवार को कतरीसराय डाकघर में छापेमारी करतीं पुलिस. कतरीसराय डाकघर में छापेमारी में खुलासा पार्सल बुक करने के लिये लाये गये छह बोरे में बंद दवाएं जब्त बिहारशरीफ/कतरीसराय. नालंदा पुलिस ने सोमवार को कतरीसराय उप-डाकघर में छापा मार कर पार्सल बुक कराने […]

कार्रवाई. शक्ति वर्धक दवाओं के नाम पर वर्षों से चल रहा था फर्जीवाड़ा

सोमवार को कतरीसराय डाकघर में छापेमारी करतीं पुलिस.
कतरीसराय डाकघर में छापेमारी में खुलासा
पार्सल बुक करने के लिये लाये गये छह बोरे में बंद दवाएं जब्त
बिहारशरीफ/कतरीसराय. नालंदा पुलिस ने सोमवार को कतरीसराय उप-डाकघर में छापा मार कर पार्सल बुक कराने के लिए छह बोरे में लायी गयी शक्तिवर्धक दवाओं के साथ 12 साइबर अपराधियों को धर दबोचा. पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष के निर्देश पर कतरीसराय के थानाध्यक्ष पिंकी प्रसाद के नेतृत्व में यह छापेमारी की गयी. छापेमारी इतनी गोपनीय ढ़ंग से की गयी कि इसकी भनक इस फर्जीवाड़े में शामिल साइबर अपराधियों को नहीं लग सका. सभी पुलिस अधिकारी व जवान सादे लिबास में थे.
पुलिस की इस कार्रवाई से धंधे में संलिप्त अपराधियों सहित डाकघर के अधिकारियों व कर्मियों में हड़कंप मच गया. किसी जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष को कतरीसराय उप-डाकघर में रोज-रोज हो रहे घालमेल की सूचना मिल रही थी.
खुफिया विभाग ने भी अपने स्तर से एसपी को अलर्ट किया था. कतरीसराय के घर-घर में वैद्य रहते हैं. इन वैद्यों ने कतरीसराय के बैंकों एवं डाकघरों में खाते खोल रखे हैं. खोले गये इन खातों में से किसी के आगे वैद्य शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है, मगर जो भी वीवीपी पार्सल की इनके द्वारा बुकिंग की जाती है, सभी के ऊपर नाम के आगे वैद्य लिखा होता है. जानकार का मानना है कि यहीं से फर्जीवाड़ा होता है.
फर्जीवाड़े के इस खेल में डाकघर के अधिकारियों व कर्मियों का पूरा सहयोग रहता है. जब-जब पुलिस की छापेमारी होती है, तब इस डाकघर की संलिप्तता उजागर होती है. स्थानीय लोग यहां तक बताते हैं कि ऐसे लोगों को भुगतान आठ से नौ बजे रात्रि तक की जाती है. डाक विभाग से मिली जानकारी के अनुसार दो से तीन बजे तक कैश भुगतान का प्रावधान है, मगर इस उप डाक घर के अधिकारी व कर्मी नियम-कानून को ताक पर रख कर साइबर अपराधियों को लाभ पहुंचाने का हर संभव प्रयास करते हैं. कतरीसराय के तथाकथित वैद्य द्वारा दूसरे राज्यों में लुभावने विज्ञापन देकर वर्षों से ठगी का धंधा कर रहे हैं.
डीएसपी कर रहे पूछताछ
राजगीर के एसडीपीओ संजय कुमार मामले की जांच के लिए कतरीसराय थाना पहुंच गये हैं. गिरफ्तार लोगों से पूछताछ की जा रही है. इस संबंध में एसडीपीओ ने फिलहाल कुछ भी बताने से इनकार किया है. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के बाद कुछ और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है. अभी मामले की जांच की जा रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >