जनवरी से नयी व्यवस्था होगी लागू
बिहारशरीफ : अब मरीज अपने शरीर के वजन के अनुरूप जीवनरक्षक दवाइयों का सेवन करेंगे. जी हां यह व्यवस्था बहुत जल्द ही टीबी विभाग में होने जा रही है. यह नयी व्यवस्था इसलिए की जा रही है कि यक्ष्मा बीमारी पर पूरी तरह से काबू पायी जा सके और मरीज इलाज पूर्ण होने के बाद पुन:डिफॉल्टर नहीं हो पायें. इस नयी व्यवस्था से मरीजों को कई फायदे होंगे. साथ ही विभाग को टीबी पर काबू पाने में आसानी होगी.
टीबी के मरीजों को अब उसके शरीर के वजन के मुताबिक ही दवा का डोज दिया जायेगा. ताकि रोगी अच्छी तरह से दवा पचा सके. मरीजों के शरीर के वजन करने के लिए जिले के सभी पीएचसी,रेफरल व अनुमंडलीय व सदर अस्पतालों में वजन मशीनें जिला यक्ष्मा विभाग की ओर से उपलब्ध करा दी गयी है. चिकित्सक की देखरेख में टीबी के मरीजों का वजन किया जायेगा. वजन के मुताबिक उसे टीबी बीमारी से ठीक होने के लिए दवा का डोज दिया जाएगा. यह दवा मरीजों को विभाग की ओर से नि:शुल्क उपलब्ध करायी जाएगी. यह मशीन जिला यक्ष्मा केन्द्र में भी उपलब्ध है. यहां आने वाले मरीजों का वजन इस मशीन से किया जाएगा.
टीबी से पीड़ित मरीजों को कुछ ही दिनों बाद अब हर रोज दवा खानी पड़ेगी. भी मरीज एक दिन बीच कर इसकी दवा खाते हैं. लेकिन मरीजों को डिफॉल्टर होने से बचाने के लिए विभाग ने अब मरीजों को रोज दवा खिलाने की व्यवस्था करने जा रही है. इससे मरीजों को पुन: इस बीमारी की चपेट में आने से संभावना कम हो जाएगी. यानी की इस विधि से दवा का सेवन करने से टीबी के कीटाणु पर पूरी तरह से काबू पायी जा सकती है. यह नई व्यवस्था नये साल के जनवरी 2017 से शुरू होगी. पूरी संभावना है
कि जनवरी माह के प्रथम सप्ताह से यह नई व्यवस्था लागू हो जाएगी. इस व्यवस्था के तहत यक्ष्मा के मरीज डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक दवा का सेवन कर पायेंगे. इस नई व्यवस्था के तहत यक्ष्मा के मरीजों को एक माह की दवा विभाग की ओर से एक ही बार में उपलब्ध करा दी जायेगी. ताकी मरीजों को दवा का सेवन करने में पूरी तरह से सहूलियत हो सके.मरीज दवा का सेवन संबंधित पीएचसी की एएनएम या आशा की देखरेख में दवा खाएंगे.
इसके अलावा मरीजों के परिजन भी अपनी निगरानी में दवा खिला सकते हैं. इसका मुख्य उद्देश्य है कि मरीज चिकित्सक के अनुसार नियमित रूप से दवा का सेवन कर सके और रोगमुक्त होकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सके.
पांच राज्यों में पॉयल्ट प्रोजेक्ट होगा शुरू
फिलहाल यह व्यवस्था पॉयल्ट प्रोजेक्ट के तहत की जा रही है. बिहार राज्य के साथ-साथ पांच राज्यों में यह व्यवस्था पहली बार होगी. इन राज्यों में यह व्यवस्था सफलीभूत होने पर अन्य राज्यों में भी लागू किया जाएगा. बिहार के अलावा,महाराष्ट्र, केरल,हिमाचल प्रदेश व सिक्किम में की जा रही है. सरकार की योजना है कि लोगों को टीबी बीमारी से मुक्त बनाना.
वजन के अनुसार दवा का डोज
रोगी का वजन टैबलेट की संख्या
25-39 किलोग्राम — 02 (75-275 मि.ग्रा.)
40-54 किलोग्राम- 03
55-69किलोग्राम – 04
70 किलोग्राम- 05
04-7 किलोग्राम – 01 (50-150 मि.ग्रा.)
8-11किलोग्राम – 02
12-15किलोग्राम – 03
16-24किलोग्राम – 04
क्या कहते हैं अधिकारी
यह नयी व्यवस्था जनवरी 2017 से की जायेगी. इसकी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है. मरीजों को रोज दवा खाने से बीमारी पर पूरी तरह से काबू पायी जा सकती है. मरीज डिफॉल्डर नहीं हो सकेंगे.
डॉ. रविन्द्र कुमार,जिला यक्ष्मा पदाधिकारी,नालंदा
