मातृ-शिशु दोनों रहेंगे सुरक्षित
बिहारशरीफ : बच्चों को टीके लगाकर जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित रखें. जागरूकता के साथ अभिभावक लोग अपने-अपने शिशुओं को टीके लगवायें. टीके लगाये जाने से बच्चे नौ जानलेवा बीमारियों से बचेंगे.यानी की बच्चे बीमारियों से पूरी तरह से सुरक्षा कवच के घेरे में होंगे. नौ जानलेवा रोगों से बचाव के लिए ये टीके जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से नि:शुल्क लगाये जा रहे हैं. उक्त बातें जिला यक्ष्मा पदाधिकारी सह प्रभारी जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ रविन्द्र कुमार ने गुरुवार को प्रतिरक्षण कार्यक्रम का जायजा लेने के बाद कहीं. उन्होंने सदर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राकेश कुमार से शहरी टीकाकरण के बारे में जानकारी प्राप्त की.
टीका रैकिंग में लायें वृद्धि
बच्चों को नौ जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए टीके लगाने का काम लक्ष्य के अनुरूप करें. लक्ष्य के अनुसार टीके लगाये जाने से एक तो शत प्रतिशत बच्चे आच्छादन हो पायेंगे. साथ ही रैकिंग (उपलब्धि) में भी वृद्धि होगी. यह तभी संभव है जब जिले के हर पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी टीकाकरण की अपने स्तर से मॉनिटिरंग करेंगे. पूरी कोशिश होनी चाहिए कि टीकाकरण के दिन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अपने क्षेत्रों को दौरा कर टीकाकरण का जायजा लें और बच्चों को टीके लगाने में लगे स्वास्थ्य कर्मियों पर पैनी नजर रखें. क्षेत्र में कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दें.
नौ जानलेवा बीमारियों से होता है बचाव
टीकाकरण अभियान हर सप्ताह चलाया जाता है. सप्ताह में दो दिन बच्चों को टीके लगाये जाते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में हर बुधवार व शुक्रवार व शहरी इलाकों में गुरुवार व शनिवार को ये अभियान चलाये जाते हैं. इस दौरान बच्चों को नौ जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकर्मी के द्वारा टीके लगाने का काम किया जाता है. बच्चों को पीलिया.काली खांसी,टेटनस,जेइ,पोलियो,मिजलिस,बीसीजी आदि के टीके लगाये जाते हैं. उन्होंने अरबन क्षेत्र के कोल्ड चैन होल्डर को निर्देश दिया के वैक्सीन का नाम अस्पताल की दीवार पर उल्लेख करें. साथ ही कौन सा टीका कब लगाने हों इसकी भी उल्लेख किया जाय. ताकि आम जनता को इसकी जानकारी सुलभ तरीके हो सके.
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने लिया जायजा
शहरी टीकाकरण का सदर पीएचसी प्रभारी डॉ राकेश कुमार ने शहर के कई इलाकों का दौरा कर इसका जायजा लिया. उन्होंने शहर के शकुंतकला,कुड़वापर,पक्की तालाब आदि जगहों पर जाकर टीकाकरण अभियान का जायजा लिया. टीकाकर्मियों को निर्देश दिया गया कि बच्चों के साथ ही गर्भवती माताओं को टेटनस की बीमारी से बचाव के लिए इसके टीके जरूर लगायें.
