ज्ञान की धरती नालंदा अद्भूत व शानदार है : आइसोला

पावापुरी का जल मंदिर देखते रविशंकर आइसोला. बिहारशरीफ : लाओस में भारत के राजदूत रविशंकर आइसोला रविवार देर शाम दो दिवसीय भ्रमण पर नालंदा पहुंचे. उनके साथ उनकी पत्नी व दोस्त भी आये हैं. रविवार की देर शाम राजगीर पहुंचने के कारण वे कहीं भ्रमण नहीं कर सके. सोमवार की अहले सुबह लाओस में भारत […]

पावापुरी का जल मंदिर देखते रविशंकर आइसोला.

बिहारशरीफ : लाओस में भारत के राजदूत रविशंकर आइसोला रविवार देर शाम दो दिवसीय भ्रमण पर नालंदा पहुंचे. उनके साथ उनकी पत्नी व दोस्त भी आये हैं. रविवार की देर शाम राजगीर पहुंचने के कारण वे कहीं भ्रमण नहीं कर सके. सोमवार की अहले सुबह लाओस में भारत के राजदूत रविशंकर आइसोला सबसे पहले भगवान महावीर की निर्वाहण भूमि पावापुरी जल मंदिर पहुंचे. वहां मंदिर के पुजारी से उन्होंने भगवान महावीर के निर्वाण के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की. इसके बाद इको पर्यटन स्थल राजगीर के घोड़ा कटोरा पहुंचे. पंच पहाड़ियों से घिरे घोड़ा कटोरा व उसके बीच में झील को देख आइसोला काफी खुश हुए. उन्होंने प्राकृतिक सौंदर्य से घिरे घोड़ा कटोरा में पर्यटक सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की.
इसके बाद वे प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहर देखने पहुंचे. खंडहर के गाइड ने आइसोला को इसके बारे में पूरी जानकारी दी. खंडहर देखने के बाद रविशंकर आइसोला ने कहा कि ज्ञान की धरती नालंदा अद्भूत व शानदार है. इसके बारे मं अब तक उन्हें किताबों में पड़ने का मौका मिला था. आज ज्ञान की इस धरती पर आकर उनके बारे में जानकारी प्राप्त कर अविभूत हो गया हूं. उन्होंने नालंदा यूनिवर्सिटी के निर्माण के बारे में भी जानकारी प्राप्त की. उन्होंने कहा कि नये नालंदा यूनिवर्सिटी के साइट को देखने का मन ललायित है, मगर समय की कमी के कारण वहां नहीं जा पाऊंगा. उन्होंने कहा कि नालंदा यूनिवर्सिटी में लाओस के दो छात्र पढ़ाई कर रहे हैं. इस भ्रमण के दौरान उनके साथ आत्मा के परियोजना निदेशक मो. इस्माइल भी थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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