बिहारशरीफ : नीरा उत्पादन एवं ताड़ आधारित अन्य उत्पादों की बिक्री, प्रशिक्षण सहित अन्य तैयारियों की भी समीक्षा की गयी. अगले सीजन में ताड़ी का न तो उप्तादन होगा न ही उसकी बिक्री होगी.
इसके लिए ताड़ी उप्तादन से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण पर जोर दिया गया. ट्रेनिंग के लिए पूना या तमिलनायडू भेजा जायेगा. ताड़ आधारित उत्पादों के स्थानीय बिक्री पर जोर देना है. जो अधिशेष उत्पादन होगा उसे बाहर कर दिया जायेगा. डीएम ने कहा कि प्रत्येक प्रखंड में नीरा आधारित ट्रेनिंग आयोजित करने का आदेश जीविका
व नूरसराय हार्टिकल्चर कौलेज के वैज्ञानिकों का दिया गया. नीरा का प्लेट बनकर जल्द ही बनकर तैयार हो जायेगा. प्रधान सचिव ने इससे पहले मोरा तालाब एवं बसबन बिगहा जाकर निरीक्षण भी किये. इस मौके पर उद्योग विभाग,कम्फेड के पदाधिकारी, बुनकर, एवं मोरा तालाब एवं ताड़ी के कारोबार करने वाले प्रतिनिध मौजूद थे.
