राजगीर : राजगीर महोत्सव आयोजन स्थल परिसर में लगाये गये ग्राम श्री मेला के तीसरे दिन काफी चहल पहल देखी गयी़ जहां बड़ी संख्या में महिलाए पुरुष व बच्चो तथा स्कूली छात्र छात्राओं का भीड़ उमड़ा़ इस मेले के प्रत्येक स्टाल पर पूरे दिन लोगों की भीड़ लगी रही़ स्टाल पर बिक्री हेतु रखे गये सामानों को कोई दूर से हीं तो कोई छू कर सामानों को पसंद कर रहे थे़
लोगों ने मोल भाव कर अपनी इच्छानुसार सामग्रियों की खरीदारी बड़े चाव से करते दिखे़ वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से आये लोगों द्वारा कृषि मंडप में खेतों के उपजाऊ विधियों से जुड़े अपने जरूरतों के हिसाब से खरीदगी की़ जहां किसानों व उनके कृषि फर्म आदि की जानकारियां भी प्राप्त की़ जिसमें सभी मौसमी फसलों व उनके
उत्पादन तथा रखरखाव की बारीकियों से देखा और सुना़ इधर व्यंजन मेले में बिहार के सभी जिलों के लोक लजीज खाद्य सामग्री का जमकर स्वाद उठाया़ जिसमें सिलाव का खाजा,पकरीवरांबा का वारा, बिहार का लोक व्यंजन लिट्टी चोखा,चाट,गोलगप्पे,केक, आइसक्रीम आदि के स्टाल पर दिनभर लोगों ने उक्त व्यंजनों का आनंद लिया़ इधर नुक्कड़ नाटक के द्वारा नाट्य कलाकारों ने समाजिक बुराईयों के तथ्यों की कहानियों पर नाटक प्रस्तुत कर लोगों को जागरुक किया़ इस नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ज्ञानबर्द्धक नाट्य मंचन का भी लोगों ने भरपूर लाभ उठाया़
सूत कातने की प्रदर्शनी
खादी ग्रामोद्योग नालंदा द्वारा ग्रामश्री मंडप के मेलेसुत काटने के विधि की प्रदर्शनी भी लगायी गयी़ जिसमें आधुनिक यंत्रों से सूत काटने की विधि बताकर ग्रामोध्योग की महिला प्रतिनिधियों ने महात्मा गांधी के सूत काटने की झलक प्रस्तुत की़ जिसे देखने के लिए काफी संख्या मे लोगों की भीड जमा हो गयी़
