एकाएक ठिठक गये जिलाधिकारी के कदम

राजगीर (नालंदा) : बढ़ते-बढ़ते ठिठक गये डीएम के कदम. बुधवार के दोपहर बाद जिलाधिकारी राजगीर महोत्सव परिसर में घूम-घूम कर महोत्सव के तैयारियों का जायजा ले रहे थे. इसी दौरान वे ग्रामश्री मेला के नियंत्रण कक्ष पर गये. वहां एक मिनट तक रुक कर कुछ देखा फिर वे दायें घूम कर ग्राम श्री मेला के […]

राजगीर (नालंदा) : बढ़ते-बढ़ते ठिठक गये डीएम के कदम. बुधवार के दोपहर बाद जिलाधिकारी राजगीर महोत्सव परिसर में घूम-घूम कर महोत्सव के तैयारियों का जायजा ले रहे थे. इसी दौरान वे ग्रामश्री मेला के नियंत्रण कक्ष पर गये. वहां एक मिनट तक रुक कर कुछ देखा फिर वे दायें घूम कर ग्राम श्री मेला के स्टॉल की ओर मुड़े जैसे ही उन्होंने अपना बायां पैर मेले की स्टॉल की ओर बढ़ाया. उसी क्षण कुछ देखकर अपना पैर वापस ले लिया. उन्होंने सामने ग्रामश्री मेला के सारे पंडाल खाली नजर आये और वे बिना कुछ किसी से कहे वापस हो लिये. इसके बाद अपने गाड़ी में जा बैठे. गाड़ी में बैठने के दौरान उन्होंने उपस्थित पदाधिकारियों को कुछ निर्देश दिया. फिर गाड़ी स्ट्राट कर चल लिये. उनके साथ आरक्षी अधीक्षक कुमार आशिष भी थे.

परंतु 23 नवंबर के देर शाम तक ग्राम श्री मेला, व्यंजन मेला व कृषि प्रदर्शनी और कृषि यांत्रिकरण के लगभग सारे के सारे स्टॉल खाली है. वहीं फन जोन मेला में भी अभी तक झूला लगाने का काम ही चल रहा है. परंतु इससे कई सवाल भी उठ रहे हैं. अब तक मेला के मुख्य प्रवेश द्वार को भी नहीं बनाया जा सका है. इस विषय में ग्राम श्री मेला के नियंत्रण कक्ष के एक कर्मी ने कहा कि ग्राम श्री मेला व व्यंजन मेला के सारे स्टॉल बुक किये जा चुके हैं. जैसे जैसे लोग पहुंच रहे हैं. वैसे वैसे उन्हें स्टॉल आवंटित किया जा रहा है. 25 के पहले सभी स्टॉल सज कर तैयार हो जायेंगे.

दूसरी ओर कुछ स्थानीय लोग ग्राम श्री मेला को देखने व कुछ खरीददारी के उद्देश्य से ग्राम श्री मेला के स्टॉल कि ओर गये. परंतु वहां सारे के सारे स्टॉल को खाली देख वे निराश होकर वापस हो गये

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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