शराब पर नकेल . गोविंदपुर में शराब के अड्डे पर छापा, छह धराये
देसी शराब बनाये जाने की खबर पर फुलवारीशरीफ पुिलस व आबकारी िवभाग की टीम ने गोिवंदपुर मुसहरी में छापेमारी की, तो लोगों ने पथराव िकया.
फुलवारीशरीफ : एक तरफ राज्य के मुख्यमंत्री घूम-घूम कर शराबबंदी की सफलता के लिए अभियान चला रहे हैं, वहीं राजधानी पटना के फुलवारीशरीफ स्थित गोविंदपुर में शराबबंदी के फरमान को ताक पर रख कर खुलेआम महुआ शराब चुलायी और बेची जा रही है. कारोबारी तिगुने-चौगुने दाम पर महुआ शराब बेचते हैं. इतना ही नहीं गोविंदपुर से बड़ी मात्रा में देसी शराब गैलनों में भर कर दूसरे स्थान पर बेचने के लिए ले जाया जाता है .
बुधवार की शाम आबकारी विभाग और फुलवारीशरीफ थाने की पुलिस गोविंदपुर मुसहरी में छापेमारी करने पहुंची . पुलिस टीम ने प्रतिबंधित देसी शराब बेच रहे वीरेंद्र मांझी , बच्चू मांझी , गोपी मांझी और शराब पी रहे अन्य तीन पियक्कड़ों को धर दबोचा . आबकारी टीम जब वहां से इन छह लोगों को गिरफ्तार कर ले जाने लगी, तो शराब कारोबारी के घर की महिलाओं ने पुलिस टीम पर पथराव करते हुए उन्हें छुड़ाने का भरसक प्रयास किया .
काफी देर तक पुलिस और महिलाओं में झड़प होती रही . किसी तरह पुलिस टीम गिरफ्तार लोगों को लेकर वहां से पटना के लिए रवाना हो गयी . आबकारी टीम का नेतृत्व कर रहे गणेश चंद्रा ने बताया कि गोविंदपुर में प्रतिबंधित देसी शराब बेच रहे वीरेंद्र मांझी , बच्चू मांझी , गोपी मांझी और शराब पी रहे अन्य तीन पियक्कड़ों को पकड़ा गया है. इसके बाद वहां महिलाओं ने पुलिस टीम से उलझ कर गिरफ्तार लोगों को छुड़ाने का प्रयास किया था .
गोविंदपुर मुसहरी से दूसरी जगहांे पर भेजी जा रही है शराब
एक थानेदार पर पूर्व में हुई थी कार्रवाई
इससे पहले भी फुलवारीशरीफ के पूर्व थानेदार अकिल अहमद के खिलाफ देसी शराब के मामले में सरकार का डंडा चल चुका है. पुलिस प्रशासन के लाख प्रयास के बावजूद भी गोविंदपुर में देसी शराब के कारोबार पर पुलिस रोक लगाने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है .
