राजगीर में राज्यपाल बोले विश्व शांति स्तूप में जापान व भारत की दिखती है संस्कृति

राजगीर (नालंदा) : विश्व शांति स्तूप की 47वीं वर्षगांठ पर राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने कहा कि इसमें भारत व जापान की सभ्यता व संस्कृति की विशेष झलक देखने को मिलती है. उन्होंने बौद्ध मंत्र ‘ना मु म्यों हो रें गें क्यों’ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस मंत्र में सृष्टि को संवारने और सूर्य […]

राजगीर (नालंदा) : विश्व शांति स्तूप की 47वीं वर्षगांठ पर राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने कहा कि इसमें भारत व जापान की सभ्यता व संस्कृति की विशेष झलक देखने को मिलती है. उन्होंने बौद्ध मंत्र ‘ना मु म्यों हो रें गें क्यों’ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस मंत्र में सृष्टि को संवारने और सूर्य की महिमा का गुणगान है.

उन्होंने कहा कि शांति स्तूप में भारत व वर्तमान में पूरी दुनिया हिंसा व आतंकवाद का दंश झेल रही है. मानवता कहीं खो गयी है. ऐसे में इस मंत्र की प्रासंगिकता बढ़ जाती है. कार्यक्रम के दौरान मुख्य पुजारी एस सुगोई ने बौद्ध विधि के अनुसार शांति स्तूप की पूजा-अर्चना की.

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