मरीजों को सुलभ इलाज उपलब्ध कराएं नियमित रूप से केंद्रों का करें भ्रमण

टीबी के संदिग्ध मरीजों के बलगम जांच की व्यवस्था सुनिश्चित करें बिहारशरीफ : टीबी बीमारी की रोकथाम के लिए जिला यक्ष्मा केंद्र ने ठोस व्यवस्था की है. इसके लिए केंद्रों पर पदस्थापित एसटीएस कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि क्षेत्र में चिह्नित होनेवाले टीबी के संदिग्ध मरीजों के बलगम जांच की व्यवस्था सुनिश्चित करें. […]

टीबी के संदिग्ध मरीजों के बलगम जांच की व्यवस्था सुनिश्चित करें

बिहारशरीफ : टीबी बीमारी की रोकथाम के लिए जिला यक्ष्मा केंद्र ने ठोस व्यवस्था की है. इसके लिए केंद्रों पर पदस्थापित एसटीएस कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि क्षेत्र में चिह्नित होनेवाले टीबी के संदिग्ध मरीजों के बलगम जांच की व्यवस्था सुनिश्चित करें. बलगम संग्रह कर उसकी जांच की जाये ताकि बीमारी की पुष्टि होने पर उसका तुरंत इलाज किया जा सके. जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ रवींद्र कुमार ने बताया कि जिले में तैनात सभी एसटीएस को निर्देश दिया गया है
कि अपने -अपने आवंटित क्षेत्रों का परिभ्रमण नियमित रूप से करें. ताकि क्षेत्रों में पता चल सके की टीबी के मरीजों की स्थिति क्या है. पुराने टीबी के मरीज चिकित्सक की सलाह के मुताबिक दवा का सेवन कर पा रहे हैं या नहीं. इस बात की भी मॉनीटरिंग की जाये.
डिफॉल्टर मरीजों पर नजर रखने की हिदायत : डिफॉल्टर मरीजों पर विशेष नजर रखी जाये. नियमित दवा नहीं खाने से मरीज डि‌फॉल्टर हो जाते हैं, जिससे बीमारी पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाती है. डॉ कुमार ने बताया कि कुछ दिनों बाद अब मरीजों को रोज दवा खानी पड़ेगी. अभी मरीज एक दिन बीच होकर दवा का सेवन करते हैं. सरकार की नयी व्यवस्था के तहत बहुत जल्द टीबी के मरीजों को रोज दवा खाने के लिए दी जायेगी. इस पर संबंधित क्षेत्रों में काम करनेवाली आशा नजर रखेंगी.
एेसे मरीजों को चिह्नित करने का काम भी करेंगी, ताकी पता चल सके कि संबंधित क्षेत्र में पूर्व में पहचान किये गये टीबी के मरीजों की स्थिति क्या है. उन्होंने बताया कि टीबी के सामान्य मरीजों को नौ माह से लेकर एक साल तक दवा का सेवन करना पड़ता है जबकि एमडीआर टीबी के रोगियों को करीब 18 माह से लेकर 27 माह तक दवा खानी पड़ती है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >