बिहारशरीफ : जिले के सरकारी अस्पतालों में पदस्थापित चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी अलर्ट हो जाएं. खासकर वैसे लोग जो ड्यूटी के प्रति सजग नहीं रहते एेसे लोग अपने कर्तव्य के प्रति सजग हो जाएं. वरना निरीक्षण में अनुपस्थित पाये गये तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जद में आ जाएंगे. एेसे चिकित्सकों व कर्मियों की पहचान कर सिविल सर्जन ने कार्रवाई शुरू कर दी है. सिविल सर्जन डॉ. सुबोध प्रसाद सिंह ने ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के आरोप में बिन्द पीएचसी के प्रभारी समेत चार लोगों के एक दिन के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है. साथ ही उक्त लोगों से जवाब तलब भी किया गया है.
सिविल सर्जन डॉ.सुबोध प्रसाद सिंह ने बताया कि पहली अक्टूबर को बिन्द पीएचसी व अस्थावां पीएचसी का औचक निरीक्षण किया था. इस दौरान बिन्द पीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. उमाकांत चौधरी ड्यूटी से अनुपस्थित पाये गये. इस मामले को उन्होंने गंभीरता से लेते हुए स्पष्टीकरण पूछा है. सीएस ने इसका जवाब शीघ्र देने को कहा है.
साथ ही उनके अनुपस्थित दिन के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है. सीएस डॉ. सिंह ने बताया कि इसी तरह अस्थावां अस्पताल का भी उसी दिन औचक निरीक्षण किया गया था. निरीक्षण के दौरान एक चिकित्सा पदाधिकारी बिना सूचना के ड्यूटी से गायब पाये गये. इसी तरह एक एएनएम व एक एफडब्लूए भी निरीक्षण के दौरान ड्यूटी पर उपस्थित नहीं थे. उन्होंने बताया कि यह बहुत ही गंभीर मामला है. उक्त डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों से इस बाबत स्पष्टीकरण पूछा गया है. साथ ही अनुपिस्थत तिथि के दिन के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गयी है. सीएस डॉ. सिंह ने बताया कि अस्थावां पीएचसी प्रभारी को निर्देश दिया गया है कि अस्पताल में डॉक्टरों ,एएनएम व स्वास्थ्य कर्मियों की ससमय उपस्थिति सुनिश्चित कराएं. मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवा प्रदान की जाय.
