10-10 हजार का आर्थिक दंड नहीं देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास
हिलसा : स्थानीय व्यवहार न्यायालय के द्वितीय अपर जिला व सत्र न्यायाधीश ने बुधवार को हत्या के मामले में तीन अारोपितों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनायी व 10-10 हजार रुप्ये का आर्थिक दंड लगाया गया. आर्थिक दंड नहीं देने पर एक वर्ष से अधिक कारावास की सजा सुनायी गयी. मामला चंडी थाना के कचहरिया गांव का है.
न्यायालय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हिलसा अनुमंडल के चंडीथाा क्षेत्र के कचहरिया गांव निवासी टुल्लू रविदास के पोता गांव के ही कृष्ण रविदास की नतनी से प्रेम विवाह हुआ और विगत 19 मार्च 2013 को योजनाबद्ध तरीके से रात्रि नौ बजे गांव के ही लखन रविदास,चंद्रिका रविदास व मुन्नी रविदास ने लाठी-डंडे से पीट-पीट कर टुल्लू रविदास को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था. जहां इलाज के दौरान टुल्लू रविदास की मौत हो गयी थी.
इस घटना में मृतक के परिजनों द्वारा चंडी थाना में तीन को आरोपित बनाते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. जिस कांड का सुनवाई हिलसा व्यवहार न्यायालय में चल रहा था.
मामले में बीते सोमवार को न्यायालय के द्वितीय अपर जिला व सत्र न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान तीनों आरोपियों को दोषी करार पाते हुए न्यायाधीश ने तीनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 10-10 हजार का आर्थिक दंड लगाया एवं आर्थिक दंड नहीं देने पर एक वर्ष की अधिक कारावास की सजा सुनाया गया. इस सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष से अधिवक्ता भरत प्रसाद सिंह व अपर लोक अभियोजक रघुनंदन राम तथा मुदई पक्ष से भरत शर्मा ने अपनी-अपनी जोरदार दलीलें पेश कर बहस किया.
दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने दोषी करार पाते हुए तीनों अभियुक्तों को सजा सुनायी है.
