सालों से तटबंध की मरम्मत नहीं

बिहारशरीफ : सालों से खुले तटबंधों की मरम्मत नहीं कराये जाने का खमियाजा अंदी पंचायत के देशना,अंदी ,पचेतन,जहूरबिगहा,अख्तर बिगहा, धरहरा ,मनोरमपुर आदि गांवों के किसानों को भुगतना पड़ रहा है. इन गांवों के किसानों को खुले खांड़ से प्रतिवर्ष लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है. धान की बुआई से लेकर रोपनी तक लाखों रुपये […]

बिहारशरीफ : सालों से खुले तटबंधों की मरम्मत नहीं कराये जाने का खमियाजा अंदी पंचायत के देशना,अंदी ,पचेतन,जहूरबिगहा,अख्तर बिगहा, धरहरा ,मनोरमपुर आदि गांवों के किसानों को भुगतना पड़ रहा है. इन गांवों के किसानों को खुले खांड़ से प्रतिवर्ष लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है. धान की बुआई से लेकर रोपनी तक लाखों रुपये की पूंजी बाढ़ में गंवा चुके हैं.

अस्थावां प्रखंड के धरहरा गांव के महेंद्र पासवान,धर्मेंद्र पासवान, विनोद पासवान,सिकंदर पासवान ,विजय राम,किशोरी पासवान , सियाशरण पासवान सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि कई साल पूर्व जिराइन नदी का तटबंध धाई पीपर से लेकर चरित्र पासवान की बगीचा तक करीब 15 सौ फुट नदी का तटबंध टूट गया था. जिसे प्रशासन द्वारा अब तक तटबंध की मरम्मत नहीं करायी गयी है.

तटबंध की मरम्मत नहीं होने से जिराइन नदी में पानी का कम बहाव रहने के बावजूद किसानों की फसल का नुकसान हो जाता है. इस टूटे तटबंध में किसानों की माली हालात दयनीय बना दी है. नदी में जब उफान में रहती है तब इन गांव के लोगों को फसल नुकसान के साथ ही घरों से निकलना भी दुर्लभ हो जाता है.
धरहरा -अंदी पथ की भी स्थिति दयनीय हो गयी है. लोग पुल टूट जाने की स्थिति में है. पुल टूट जाने की स्थिति में धरहरा के लोगों का आवागमन बंद हो जाएगा. स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के कारण प्रति वर्ष किसानों को लाखों की पूंजी जिराइन नदी के आगोश में समा रही है. स्थानीय मुखिया किरण देवी ने बताया कि सालों से टूटे तटबंधों की मरम्मत नहीं होने से कई गांवों के किसानों को फसल नुकसान होने के साथ ही आवाजाही भी बाधित हो जाती है. इस टूटे तटबंध की मरम्मत के लिए जिला प्रशासन को लिखा जाएगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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