कई और प्रोडक्ट को लांच करने की तैयारी
बिहारशरीफ : नालंदा जाता मेड सतू से उत्साहित होकर जिला प्रशासन कई और प्रोडक्ट को बाजार में उतारने की तैयारी कर रहा है. जिसमें जाता निर्मत बेसन, हल्दी, दाल व सूजी प्रमुख है.साथ नालंदा मेड शहद भी है. सतू को बाजार मेें उतारने से उसक प्रभाव दिखाये देने लगा है.
हर माह करीब दो सौ किलो सतूू की बाजार में डिमंाड है. अभी पटना के लोग नालंदा के जाता निर्मत सतू का स्वाद लेने लगे है. जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि दिसंबर तक प्रति माह कम से कम दो हजार से तीन किलो बिक्री का लक्ष्य है. बाजार में डिमांड होने पर इसको ऑन लाइन बाजार करने का भी प्रस्ताव है.
चंडी और हरनौत में हो रहा उत्पादन
जाता निर्मत सतू का उत्पादन अभी फिलहाल चंडी के अनंतपुर और हनौत के नोहसा गांव में किया जा रहा है. इस स्थल पर जीविका समूह की महिलाओं द्वारा जाता से सतू बनाया जा रहा है. समूह की सौ से अधिक महिलाएं इस काम में लगी है. जिला प्रशासन की सोच है कि जिले के हर गांव को इस रोजगार से जोड़कर स्वावलंबी बनाया जा सकें. जीविका की महिलाओं का आर्थिक स्थिति बेहतर हो इसके लिए जाता से सतू बनाने के ऐवज में प्रति किलो 25 रुपये दिये जाते है. ताकि उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी हो और परिवार चला सकें. बाजार के साथ खाद्य पदाथार्े को बाजार में उतारने से पहले प्रोडक्ट की क्वालिटी के लिए एफएसएसआई से सटिर्फिकेट लेना पड़ता है. प्र२ाासन द्वारा यह काम पूरा कर लिया गया है. एफएसएसआई का सर्टिफिकेट मिल गया है. प्रशासन की अगली सोच अमेजन से बाजार कराने की है.
क्या कहते है अधिकारी
नालंदा जांता मेड सत्तू को बाजार मिलने लगा है. अभी पटना में सत्तू की बिक्री शुरू करा दिया गया है. सत्तू को बाजार में उतारने में नाबार्ड डीडीएम, जीविका व जीविका की महिलाओं का बहुत बड़ी देन है. फंड की व्यवस्था में नाबार्ड व बैंक द्वारा सहयोग लिया जा रहा है. सत्तू के बाद हल्दी, बेसन, शहद, सुजी,चना दाल को बाजार में उतारा जायेगा.
कुंदन कुमार,डीडीसी नालंदा
