सीएस ने की जांच, प्रभारी को दी हिदायत
बिहारशरीफ : जिले के एकंगरसराय प्रखंड के खानपुर गांव में एइएस से पीड़त एक बच्चा मिला. इसकी सूचना पर सिविल सर्जन तुरंत खानपुर गांव जाकर वस्तु स्थिति से अवगत हुए. सिविल सर्जन को सूचना मिली थी कि खानपुर गांव निवासी सुबोध प्रसाद के पुत्र साहिल कुमार एइएस से पीडि़त है. वहां पर जाने पता चला कि बच्चा गत 5 मई को ही इलाज के लिए पीएमसीएच चला गया था. जहां से वे इलाज कराने के बाद स्वस्थ होकर अपने घर लौट आया है. सिविल सर्जन डा. सिंह ने बताया कि उक्त बच्चा अब पूरी तरह से स्वस्थ है. उन्होंने बच्चे से भी हालचाल लिया.
साथ ही उनके अभिभावक से भी जानकारी प्राप्त की.
एकंगरसराय प्रभारी को अलर्ट रहने दी हिदायत : एकंगरसराय प्रखंड क्षेत्र में एइएस बीमारी की दस्तक देने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग पूरी से अलर्ट हो गया है. हालांकि सिविल सर्जन डा. सिंह ने पहले ही जिले के सभी प्रभारियों को एइएस/जेई बीमारी को लेकर अलर्ट जारी कर दिथा था. सीएस ने निर्देश दे रखा है कि जहां भी इस बीमारी के संदिग्ध मरीज मिले तो तुरंत उसका इलाज की सुव्यवस्था सुनिश्चित करें. सीएस ने एकंगरसराय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को हिदायत दी है कि इस बीमारी पर अपनी पूरी नजर रखें, ताकि चिह्नित होने के बाद संबंधित पीडि़त बच्चों का तुरंत और सही ढंग से इलाज किया जा सके.
आशा व एएनएम को एइएस मरीजों पर नजर रखने का निर्देश : सिविल सर्जन ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि क्षेत्रों में एएनएम व आशा को भेज कर ऐसे मरीजों की पहचान करें. जिन बच्चों में तेज बुखार ,शरीर में चमकी आना आदि लक्षण पायें तो तुरंत इसकी सूचना प्रभारी को उपलब्ध कराएं. उन्होंने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि क्षेत्र में ऐसे मरीजों की पहचान हो तो प्रतिदिन प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं. जेई/एइएस के मरीजों की पहचान होने पर उसका इलाज के लिए सदर अस्पताल में जेई वार्ड खोलने का निर्देश डीएस को दिया जा चुका है. इसी तरह पीएचसी स्तर पर भी दो बेड का वार्ड की व्यवस्था करने को प्रभारियों को कहा गया है. उनके साथ खानपुर में एकंगरसराय पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी भी मौजूद थे.
