राज्य सरकार में अपराध का ग्राफ बढ़ा : प्रेम

एकंगरसराय (नालंदा) : भाजपा के वरिष्ठ नेता सह बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता प्रेम कुमार ने मंगलवार को एकंगरसराय पहुंच कर मृतक ऋतिक राज के परिजनों से मिले और सांत्वना दी. श्री कुमार ने कहा कि बिहार में सरकार बने छह माह हो गये हैं. हत्या, अपहरण, बलात्कार की हजारों घटनाएं घट चुकी हैं. […]

एकंगरसराय (नालंदा) : भाजपा के वरिष्ठ नेता सह बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता प्रेम कुमार ने मंगलवार को एकंगरसराय पहुंच कर मृतक ऋतिक राज के परिजनों से मिले और सांत्वना दी. श्री कुमार ने कहा कि बिहार में सरकार बने छह माह हो गये हैं. हत्या, अपहरण, बलात्कार की हजारों घटनाएं घट चुकी हैं. नीतीश सरकार ने कानून का राज स्थापित करने की बात कही थी, लेकिन यहां अपराध चरम पर है. एकंगरसराय व गया की घटना दिल-दहला देने वाली है. जब से महागठबंधन की सरकार बनी है बिहार में अपराध बढ़ा है.

सरकार अपराधी प्रवृति के लोगों को संरक्षण दे रही है. बिंदी यादव पर 17 मुकदमे व देशद्रोह का मुकदमा चल रहा है. इसके बावजूद उनकी पत्नी मनोरमा देवी को जदयू ने टिकट देकर सम्मानित करने का काम किया. नीतीश कुमार अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को पार्टी में शामिल कर महामंडित कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकांश घटनाएं सरकार की संरक्षण में हो रही हैं. श्री कुमार ने कहा कि बिंदी यादव का रेकॉर्ड आपराधिक प्रवृत्ति का रहा है.
इन्हें पार्टी में शामिल करने को लेकर नीतीश व लालू ही जिम्मेवार हैं. गया व एकंगरसराय की घटना में स्पीडी ट्रायल की गति धीमी है. सरकार अपराधकर्मियों को समय सीमा के अंदर गिरफ्तार करे. पूर्व विधायक राजीव रंजन ने कहा कि बीजेपी जब सरकार में शामिल थी तब स्थिति सामान्य थी. लालूजी से हाथ मिलाने के बाद अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं. श्री रंजन ने कहा कि वहीं लोग इन घटनाओं में शामिल हैं, जो महागठबंधन के सदस्य हैं. इस अवसर पर वीरेंद्र गोप, मदन प्रसाद, सच्चिदानंद गुप्ता, अजीत केशरी, विजय विश्वकर्मा, अमीय कुमार, अनिल साव, निरंजन साव, विनय यादव, राजेश कुमार, चिनेश जैन, राजीव प्रसाद सिंह समेत दर्जनों लोग मौजूद थे.
सड़क के लिए तरस रहा बभनियावां गांव : बेन (नालंदा) .
प्रखंड अंतर्गत एकसारा पंचायत का बभनियावां गांव बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है. विकास के इस दौर में सरकार द्वारा एक ओर जहां शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर बभनियावां, मरसुआ, प्रदुमन बिगहा, इनायतपुर गांवों की करीब पांच हजार की आबादी आज भी एक अदद सड़क के लिए तरस रही है.
गांव में आवागमन के लिए सड़कों का घोर अभाव है. पुराने जमाने की कुछेक सड़कें बची हैं, जिनकी हालत पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं. जगह-जगह इन सड़कों पर गड्ढे की वजह से चारपहिया वाहन की कौन कहे, दो पहिया वाहनों का भी चलना मुश्किल साबित होता है. प्रखंड मुख्यालय को जोड़ने वाली इस सड़क के नहीं बन पाने से ग्रामीणों की समस्या और भी बढ़ गयी है. ग्रामीणों द्वारा समस्या के बाबत स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों के द्वारा कई बार गुहार लगायी गयी है, लेकिन नतीजा अब तक सिफर साबित हुआ है. इससे ग्रामीणों में असंतोष का माहौल है.
ऐसे हालात में किसी बीमार व आपातकालीन स्थिति में मुख्यालय पहुंचना काफी दुष्कर साबित होता है. सबसे बड़ी परेशानी यहां के लोगों को स्वास्थ्य के मामले में झेलनी पड़ती है. खासकर प्रसव पीडि़त महिलाओं एवं अति संवेदनशील मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के दौरान होती है. चारपहिया वाहन चालक लायक सड़क नहीं होने के चलते कई बार इसका खामियाजा पीडि़त परिवारों को भी भुगतना पड़ रहा है और मरीज अस्पताल पहुंचने से पूर्व ही रास्ते में दम तोड़ देते हैं. ग्रामीणों की मानें तो बरसात के दिनों में पुल व सड़क के बिना भारी परेशानी होती है, जिसे शीघ्र निर्माण किये जाने की जरूरत है.

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