बिहार सरकार में अल्पसंख्यक कहां पर खूब हुई चर्चा
बिहारशरीफ : गुरुवार को स्थानीय कांटा पर स्थित एक होटल में ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन द्वारा एक सेमिनार का आयोजन किया गया.सेमिनार में बोलते हुए एआइएमआइएम के स्टेट प्रेसिडेंट मो.आदिल हसन ने कहा कि वर्तमान परिवेश में बिहार सरकार के मंत्री मंडल में अल्पसंख्यक मंत्रियों का वह स्थान नहीं मिला है,जो सही मिलना चाहिए था.इस बार के गंठबंधन के चुनाव में 99 फीसदी वोट अल्पसंख्यकों ने दिया है,
बावजूद इसके कैबिनेट में अल्पसंख्यकों को जगह नहीं दी गयी है.श्री हसन ने कहा कि सीमांचल को सरकार नजरअंदाज कर रही है.जिस तरह केरल व दूसरे राज्यों में अल्पसंख्यकों को आरक्षण प्राप्त है उसी तरह बिहार में आरक्षण मिलना चाहिए.अल्पसंख्यकों के लिए तेलंगाना में 13 सौ करोड़ का बजट है,जबकि इसके मुकाबले बिहार में अल्पसंख्यकों के लिए मात्र 294 करोड़ का बजट पास किया गया है.
सेमिनार में बोलते हुए उन्होंने कहा कि पिछले दिनों कटरा पर घटी एक घटना में प्रशासनिक अधिकारी द्वारा दर्ज कराये गये प्राथमिकी में एक गलत शब्द का प्रयोग किया गया,जिसे हटाना चाहिए.इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डा.हमीद रजा मुख्य रूप से उपस्थित थे.सेमिनार के माध्यम से बिहार सरकार से यह मांग की गयी है कि जिस तरह केरला व तेलंगाना में सरकारी नौकरी में अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण का प्रावधान है,
उसी तरह बिहार सरकार में यह प्रावधान लाया जाये.बिहार सरकार में अल्पसंख्यक समुदाय को सही स्थान दिया जाय.शहरी क्षेत्र में अल्पसंख्यकों के लिए शिक्षण संस्थान खोले जायें.सेमिनार के अंत में एआइएमआइएम की कोर कमिटि का गठन किया गया.इस मौके पर शहजाद आबेदीन,मो.इफ्त्तेकार हसन,शहबाज आलम,जिसान मसूद सहित अन्य लोग उपस्थित थे.
